प्रदर्शन करने के कारण हुआ बराक ओबामा की सौतेली बहन पर हमला

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की बहन उमा ओबामा भी केन्या की इस अत्याचार का हिस्सा हैं। औमा ने केन्या संसद भवन के बाहर खड़े होकर गवर्नमेंट के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया। औमा ओबामा का बोलना है कि लोग अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। हम पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं, जिससे हमारी आंखें नहीं खुल पा रही हैं।
राष्ट्रपति रुटो द्वारा दिया गया वक्तव्य
केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने अत्याचार की कड़ी निंदा की है। उन्होंने एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा कि इस तरह की अत्याचार लोकतंत्र पर धावा है। दुनिया इसे देख रही है। इस अत्याचार के लिए उत्तरदायी लोगों की तलाश की जा रही है। हम इस घटना पर तुरंत कार्रवाई कर रहे हैं।
भारतीय उच्चायोग ने दी चेतावनी
भारतीय उच्चायोग ने एक्स प्लेटफॉर्म पर एक ट्वीट शेयर किया और लिखा कि केन्या में चल रही तनावपूर्ण स्थिति के कारण, सभी हिंदुस्तानियों को सावधान रहने और बिना किसी काम के बाहर न निकलने की राय दी जाती है. केन्या में शांति बहाल होने तक अत्याचार वाले स्थानों से दूर रहें. सभी प्रमुख अपडेट के लिए सोशल मीडिया और न्यूज वेबसाइट से जुड़े रहें. आंकड़ों के मुताबिक, केन्या में करीब 20,000 भारतीय रहते हैं, जिन्हें अत्याचार प्रभावित इलाकों से दूर रहने की राय दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि नैरोबी के संसद भवन में एक बिल पास होना था। टैक्स में बढ़ोतरी से जुड़ा यह बिल अस्तित्व में आने से पहले ही विवादों से घिरा हुआ था। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बिल का विरोध करते हुए संसद में घुसने की प्रयास की। इस दौरान पुलिस ने फायरिंग प्रारम्भ कर दी, जिसमें 5 प्रदर्शनकारियों की मृत्यु हो गई। पुलिस ने अत्याचार पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे। लेकिन तब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और पुलिस की कार्रवाई से नाराज प्रदर्शनकारियों ने संसद में आग लगा दी।

