बलूचिस्तान के एक मस्जिद में ईद के जुलूस के दौरान हुआ विस्फोट
पाकिस्तान (पाकिस्तान ब्लास्ट) में बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले में एक मस्जिद से ईद के जुलूस के दौरान विस्फोट हुआ। एक बम फट गया। जिसमें अब तक 52 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। मृतकों में पुलिस कर्मी भी शामिल हैं। करीब 100 लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी पाकिस्तानी अखबार डाक्टर ने दी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि चशवार में बलूच उपद्रवियों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच झड़पें भी होती रहती हैं। पाकिस्तान का यह क्षेत्र धीरे-धीरे अशांति की आग में झुलसता जा रहा है।

मस्तुंग के सहायक आयुक्त अत्ताहुल मुनीम ने बोला कि बलूचिस्तान के मस्तुंग में अल फलाद रोड पर मदीना मस्जिद के पास विस्फोट हुआ। यह तब हुआ जब लोग ईद मिलाद-उन-नबी के जुलूस में हिस्सा लेने के लिए वहां इकट्ठा हो रहे थे।
डॉन न्यूज पेपर ने शहीद नवाब गौस बख्श रायसानी मेमोरियल हॉस्पिटल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाक्टर के हवाले से कहा। सईद मीरवानी ने मरने वालों की संख्या की पुष्टि की है। सिटी स्टेशन हाउस ऑफिसर मोहम्मद जावेद लेहरी ने बोला है कि बम विस्फोट में एक पुलिस अधिकारी की भी मृत्यु हो गई। उन्होंने बोला कि यह विस्फोट एक आत्मघाती विस्फोट था, जो डीएसपी गिसखौरी की कार के पास हुआ।
बलूचिस्तान के अंतरिम सूचना मंत्री जान अचकजई ने बोला कि बचाव दल को मस्तुंग भेजा गया है। उन्होंने बोला कि गंभीर रूप से घायल लोगों को क्वेटा ले जाया जा रहा है और सभी अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। जान अचकजई ने बोला कि हमारा शत्रु विदेशी सहायता से बलूचिस्तान में धार्मिक सहिष्णुता और शांति को समाप्त करना चाहता है। विस्फोट असहनीय है।
इसी महीने बलूचिस्तान में एक विस्फोट हुआ था
बलूचिस्तान (बलूचिस्तान ब्लास्ट) में इसी महीने की आरंभ में इसी जिले में विस्फोट हुआ था और इसमें 11 लोग घायल हो गए थे। इसके अतिरिक्त एक बस स्टैंड पर एक सरकारी अधिकारी को भी गोली मार दी गई थी।
पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों के बीच दुश्मनी भी हमलों की एक वजह है। इसी वर्ष जनवरी में क्वेटा शहर की एक मस्जिद में बम धमाका हुआ था और 10 लोग मारे भी गए थे।
बलूचिस्तान में बलूच उपद्रवियों की बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी भी एक्टिव है। साथ ही तहरीक-ए-तालिबान संगठन भी पाकिस्तानी गवर्नमेंट की नाक में दम कर रहा है। बलूचिस्तान में चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के विरुद्ध क्षेत्रीय लोगों में काफी असंतोष है। सोचिए कि इस परियोजना से बलूचिस्तान को कोई लाभ नहीं हुआ है।

