अंतर्राष्ट्रीय

चीन ने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है, जो सरोगेट महिलाओं की लेगा जगह

 

नई दिल्ली . जब किसी स्त्री को बच्चा पैदा करने में कठिनाई होती है, तो अक्सर वह सरोगेसी का सहारा लेती है. यानी कोई दूसरी स्त्री अपनी कोख से किसी और दंपत्ति के लिए बच्चा पैदा करती है. इस प्रक्रिया को ही सरोगेसी बोला जाता है. आज के दौर में यह एक सामान्य विकल्प बन चुका है, खासकर उन दंपत्तियों के लिए जो स्वयं गर्भधारण नहीं कर सकते. लेकिन यह प्रक्रिया काफी महंगी और भावनात्मक रूप से जटिल होती है. अमेरिका जैसे राष्ट्रों में सरोगेसी पर लाखों रुपये खर्च होते हैं, और हिंदुस्तान में भी यह विवादों का मामला रहा है. इसी बीच चीन ने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है, जो सरोगेट स्त्रियों की स्थान ले सकता है.

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चीन के ग्वांगझोऊ शहर में स्थित एक टेक्नोलॉजी कंपनी, काइवा टेक्नोलॉजी, ने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है, जिसमें इंसानी गर्भाशय की नकल करने वाला एक आर्टिफिशियल वूम्ब लगाया जाएगा. इस प्रेगनेंसी रोबोट का विचार चिकित्सक झांग किफेंग ने पेश किया है, जो कि इस कंपनी के संस्थापक भी हैं. उनका दावा है कि यह रोबोट एक इंसानी स्त्री की तरह 10 महीने तक गर्भ में बच्चे को पाल सकेगा और उसके सभी विकास की जरूरतों को पूरा करेगा.

डॉक्टर झांग ने कहा कि आर्टिफिशियल वूम्ब (कृत्रिम कोख) तकनीक पहले से ही विकसित हो चुकी है. अब इस तकनीक को सिर्फ़ रोबोट के शरीर में लगाया जाना बाकी है. रोबोट के पेट में एक खास नली लगी होगी, जिसके जरिए भ्रूण को महत्वपूर्ण पोषण और ऑक्सीजन दी जाएगी. यह प्रक्रिया वैसे ही होगी जैसी किसी इंसानी मां के गर्भ में होती है. उनका बोलना है कि यह तकनीक उन लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है जो सरोगेसी पर निर्भर हैं लेकिन इसके खर्च या कानूनी पेचिदगियों से परेशान रहते हैं.

इस ‘प्रेगनेंसी रोबोट’ से बच्चा पलवाने की लागत करीब 1 लाख युआन यानी लगभग 14 लाख रुपए होगी. अमेरिका में यह खर्च 75 लाख के करीब होता है. यही कारण है कि इस तकनीक को एक सस्ता और सरल विकल्प बताया जा रहा है. ये उनके लिए वरदान हैं जो बे-औलाद हैं और सरोगेट मदर्स को तलाशने में समय बिताते हैं.
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