चीन अपने डिफेंस बजट में 7.2% का किया इजाफा
चीन ने बोला कि वो ताइवान की स्वतंत्रता और बाहरी हस्तक्षेप के उद्देश्य से अलगाववादी गतिविधियों का दृढ़ता से विरोध करेगा। पिछली रिपोर्टों में शांतिपूर्ण पुनर्मिलन के उल्लेख से परे अन्य रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि चीन पुनर्मिलन के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में दृढ़ रहेगा।
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चीन इस वर्ष अपने डिफेंस बजट में 7.2% का बढ़ोत्तरी किया है। ये आंकड़ा पिछले साल के बराबर है। लेकिन गवर्नमेंट की आर्थिक वृद्धि की भविष्यवाणी से अधिक है। बजट में सेना पर 1.67 ट्रिलियन युआन (230.60 अरब डॉलर) खर्च का संभावना व्यक्त किया गया है। अमेरिका चीन के रक्षा बजट पर कड़ी नजर रखता है। ताइवान पर हाल ही में बढ़े तनाव को देखते हुए बीजिंग के रणनीतिक लक्ष्यों और उसके सेना बलों की वृद्धि को लेकर अमेरिका पहले से ही चिंतित हैं। चीन ने बोला कि वो ताइवान की स्वतंत्रता और बाहरी हस्तक्षेप के उद्देश्य से अलगाववादी गतिविधियों का दृढ़ता से विरोध करेगा। पिछली रिपोर्टों में शांतिपूर्ण पुनर्मिलन के उल्लेख से परे अन्य रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि चीन पुनर्मिलन के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में दृढ़ रहेगा।
इस साल सेना खर्च में वृद्धि एकल-अंकीय वृद्धि के लगातार नौवें साल का अगुवाई करती है। पिछले सालों की तरह, खर्च के किसी भी ब्यौरे के बिना, सिर्फ़ कुल राशि और वृद्धि का फीसदी प्रदान किया गया था। पीएम ली कियांग की पहली कार्य रिपोर्ट मंगलवार को बीजिंग में अपनी वार्षिक बैठक के दौरान चीन की रबर-स्टैम्प संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस पार्टी (एनपीसी) द्वारा सुनी जानी है। रॉयटर्स द्वारा देखी गई एक आधिकारिक कार्य रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने 2024 के लिए लगभग 5% वार्षिक आर्थिक विकास लक्ष्य स्थापित किया है, जो पिछले साल के एजेंडे के अनुरूप है।
बता दें कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग के 2012 में सत्ता में आने के बाद से बीते सालों में रक्षा खर्च बढ़ा है। अमेरिका के बाद चीन रक्षा बजट पर खर्च करने के मुद्दे में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा राष्ट्र है।

