चीन तेजी से घटती जन्म दर समस्या से है परेशान

चीन तेजी से घटती जन्म रेट परेशानी से परेशान है। इस कारण कभी तो वह कपल्स को विवाह और रोमांस के लिए छुट्टियां दी जा रही है। ऐसी कई खबरें पिछले दिनों आईं। लेकिन अब एक स्पर्म बैंक द्वारा यूनिवर्सिटीज में एक अनोखी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। प्रतियोगिता आयोजित कर यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को इसमें शामिल होने के लिए बोला गया। इसके लिए स्पर्म बैंक ने विद्यार्थियों को नकद पैसे देने की बात कही है। साउथ चाइना मॉर्निग पोस्ट ने जियुपाई न्यूज के हवाले से कहा है कि चीन के हेनान प्रान्त में स्थित स्पर्म बैंक ने यह प्रतियोगिता आयोजित की है। 10 सितंबर से प्रारम्भ हुई इस प्रतियोगिता का उद्देश्य सबसे अधिक और सबसे तेज स्पर्म वाले मर्दों की तलाश करना है।
50 दिन में इतनी बार डोनेट कर सकते हैं स्पर्म
एक अन्य रिपोर्ट में बोला गया है कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थी 50 दिन के भीतर 20 बार स्पर्म डोनेट कर सकते हैं। इसके लिए प्रत्येक विद्यार्थी को 6,100 युआन यानी करीब 70 हजार रुपए का भुगतान किया जाएगा। यही नहीं स्पर्म डोनेट करने वालों को आने जाने में हुए खर्च समेत अन्य खर्चों का भी भुगतान किया जाएगा।
क्या है प्रतियोगिता में भाग लेने वाले युवाओं के लिए शर्त?
हालांकि, इस प्रतियोगिता में भाग लेने वालों के लिए शर्त यह है कि उनकी उम्र 20-45 वर्ष के बीच और कम से कम 1.65 मीटर यानी करीब 165 सेमी हाइट होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त उन्हें धूम्रपान और शराब का आदी नहीं होना चाहिए। साथ ही नशीली दवाओं का सेवन करने वाला भी नहीं होना चाहिए।
स्पर्म क्वालिटी क्यों हो गई खराब?
चीनी सोशल साइट वीबो पर एक पोस्ट कर स्पर्म बैंक ने कहा, “पर्यावरण प्रदूषण और काम के दबाव के कारण लोगों के स्पर्म की गुणवत्ता खराब हो गई है। इस कारण कई यंग कपल्स में ‘बांझपन’ भी आ गया है। लेकिन ऐसे में स्पर्म डोनेट करने की इस प्रतियोगिता के माध्यम से यह प्रयास की गई है कि यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी समाज में सहयोग के अनुसार अपने स्पर्म को डोनेट कर सकें।
घटती जन्म रेट से परेशान है चीन
गौरतलब है कि चीन ने घटती जन्म रेट से परेशान होकर वर्ष 2015 में अपनी दशकों पुरानी एक बच्चे की नीति को समाप्त कर दिया था। इससे सभी दंपतियों को दो बच्चे पैदा करने की अनुमति मिल गई थी। इसके बाद वर्ष 2021 में इस सीमा को बढ़ाकर तीन कर दिया गया था। लेकिन इसके बाद भी चीन में प्रजनन रेट में गिरावट ही देखने को मिल रही है।

