चीन 2030 तक बनाएगा चांद पर स्टेशन
भारत के चंद्रयान-3 की कामयाबी से प्रभावित होकर चीन अब चंद्रमा पर अपना अंतरिक्ष यान भेजने जा रहा है। चीन 2030 तक चांद पर स्टेशन बनाना चाहता है। चीन उसी जगह पर अपना अंतरिक्ष यान उतारने जा रहा है जहां अमेरिका अपने अंतरिक्ष यात्रियों को उतारने की तैयारी कर रहा है।
चीन चंद्र मिशन चांग ई 8
चीन ने चंद्रमा के लिए अपनी योजनाओं की घोषणा की है। 2024 में चांग’ई 6 के बाद चीन 2028 में अपने ताकतवर लॉन्ग मार्च 5 रॉकेट की सहायता से चांग’ई 8 लॉन्च करने जा रहा है। चीन ने बोला है कि चांग’ई 8 मिशन चंद्रमा की सतह पर भविष्य के तरराष्ट्रीय चंद्र अनुसंधान स्टेशन के निर्माण के लिए आधार के रूप में काम करेगा। चीन के राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन ने इसकी घोषणा की है। वहीं, अमेरिका भी अपने आर्टेमिस मिशन के अनुसार चंद्रमा पर अपना बेस बनाने की तैयारी कर रहा है, जिसमें हिंदुस्तान भी शामिल है।
ड्रैगन एक लैंडर, एक रोवर के साथ एक रोबोट को गिराएगा
अज़रबैजान में आयोजित एक कार्यक्रम में चीनी ऑफिसरों ने इसकी घोषणा की। चीन का चांग’ई 8 मिशन एक लैंडर, रोवर और रोबोट ले जाएगा। इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा के भूविज्ञान की जांच करना, चंद्रमा से पृथ्वी की नज़र करना, चंद्र नमूनों की जांच करना और संसाधनों के दोहन के लिए प्रयोग करना है। इसके अतिरिक्त यह चंद्रमा के वातावरण की भी जांच करेगा। चीन अपने पिछले मिशनों से मिले अनुभव के आधार पर इस मिशन को तैयार करेगा। यह भविष्य के मिशनों के लिए जरूरी तकनीक की जांच करेगा।
चीन के चंद्र मिशन में क्या होगा खास?
चीन ने बोला है कि वह दुनिया के अन्य राष्ट्रों से भी योगदान मांगेगा। हालांकि, चीनी वैज्ञानिकों ने बाद में साफ किया कि यह इस मिशन के दौरान 200 किलोग्राम का पेलोड ले जाने में सक्षम होगा। कोई भी राष्ट्र चाहे तो चांद पर अपना रोवर या कुछ और भेज सकता है। चीन ने इसके लिए आवेदन भी आमंत्रित किये हैं। चीन के चांग’ई 8 मिशन के डिप्टी डिजाइनर वांग क्यूओंग ने बोला कि गेरलाच पर्वत, अमुंडसेन क्रेटर, कैबोस क्रेटर और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों का चयन किया गया है जहां मिशन को उतारा जा सकता है।
अमेरिका और हिंदुस्तान से टकराव
यह वही स्थान है जहां अमेरिका अपने आर्टेमिस 3 मिशन के अनुसार अंतरिक्ष यात्रियों को उतारना चाहता है। चांग’ई 8 लैंडर अपने साथ 10 विज्ञान पेलोड ले जाएगा। इसके अतिरिक्त 4 अन्य पेलोड इसके रोवर पर रहेंगे। इस लैंडर में कैमरे लगे होंगे जो लैंडिंग में सहायता करेंगे। इसके अतिरिक्त भूकंप मापने के उपकरण, चंद्र आधारित पृथ्वी रेडियोमीटर और एक एक्स-रे टेलीस्कोप भी होंगे। रोवर में चंद्रमा की सतह को भेदने में सक्षम कैमरे और रडार भी होंगे। इसके अतिरिक्त यह चंद्रमा पर उपस्थित खनिजों की जांच करने वाले उपकरणों से लैस होगा।
चांद से नमूने लाने की योजना
चीन वर्ष 2026 में अपना चांग-7 मिशन लॉन्च करने जा रहा है। इस मिशन के दौरान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव का पता लगाने की तैयारी की जा रही है। यह एक रोबोटिक मिशन होगा जो बर्फ का पता लगाएगा। चीन का चांग’ई 6 चंद्रमा के अंधेरे पक्ष से नमूने वापस लाने वाला पहला चंद्र मिशन होगा। चीन सुपर ताकतवर रॉकेट की सहायता से मानवयुक्त ठिकानों पर महत्वपूर्ण उपकरण भेजने की योजना बना रहा है। इसे वर्ष 2030 के आसपास बनाने की तैयारी चल रही है।

