पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को नोबेल पीस प्राइज 2025 के लिए किया गया नामित
भ्रष्टाचार के इल्जाम में कारावास में बंद पाक के पूर्व पीएम इमरान खान को मानवाधिकार और लोकतंत्र के लिए उनकी कोशिशों के लिए नोबेल पीस प्राइज 2025 के लिए नामित किया गया है. यह जानकारी पाक वर्ल्ड अलायंस (PWA) के सदस्यों ने दी है. पीडब्ल्यूए पिछले वर्ष दिसंबर में स्थापित एक एडवोकेसी ग्रुप है, जो नॉर्वे की सियासी पार्टी पार्टिएट सेंट्रम (Partiet Sentrum) से जुड़ा है.
सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर दी जानकारी
पार्टी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में कहा, ‘हमें Partiet Sentrum की ओर से यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि नामांकन के अधिकार वाले किसी आदमी के साथ गठबंधन करके, पूर्व पीएम इमरान खान को पाक में मानवाधिकार और लोकतंत्र के लिए उनके काम को लेकर नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया है.’
2019 में भी नामित हुए थे इमरान
इससे पहले वर्ष 2019 में भी इमरान खान को दक्षिण एशिया में शांति को बढ़ावा देने के उनकी कोशिशों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया था. एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, हर वर्ष नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी को सैकड़ों नामांकन प्राप्त होते हैं, जिसके बाद वे 8 महीने की लंबी प्रक्रिया के जरिए विजेता का चुनाव करते हैं. शांति पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय भाईचारे को बढ़ावा देने, स्थायी सेनाओं को कम करने या खत्म करने और शांति सम्मेलनों को आगे बढ़ाने में महानतम सहयोग दिया हो.
इमरान खान अभी कहां हैं?
पाकिस्तान की मुख्य विपक्षी पार्टी पाक तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक इमरान खान अगस्त 2023 से कारावास में बंद हैं. इस वर्ष जनवरी में उन्हें करप्शन और पद के दुरुपयोग के लिए 14 वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई थी. यह चौथा बड़ा मुद्दा है, जिसमें खान को गुनेहगार ठहराया गया है. इसके अतिरिक्त इमरान पर सरकारी गिफ्ट बेचने, गवर्नमेंट से जुड़े सीक्रेट्स फाइल को लीक करने और अवैध शादी से संबंधित पहले के मामलों में न्यायालय ने या तो उन्हें पलट दिया या फिर निलंबित कर दिया.
2022 में सत्ता से बेदखल हुए थे इमरान
बता दें कि इमरान खान को अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव खोने के बाद सत्ता से बेदखल कर दिया गया था. हालांकि, वह अपने विरुद्ध लगे सभी आरोपों से इनकार करते हैं और इन सब मामलों को राजनीति से प्रेरित बताते हैं. एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी ऑफिसरों ने पीटीआई के नेतृत्व में संभावित विरोध-प्रदर्शन के कारण 3 दिनों के लिए रावलपिंडी में अदियाला कारावास के आसपास विशेष सुरक्षा प्रबंध लागू की है.

