हमास 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों के बदले 20 जीवित बंधकों का करेगा आदान-प्रदान
आतंकी समूह के एक सूत्र ने को कहा कि गाजा में युद्ध खत्म करने के समझौते के पहले चरण के अनुसार हमास 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों के बदले 20 जीवित बंधकों का आदान-प्रदान करेगा. समझौते के कार्यान्वयन के 72 घंटों के भीतर आदान-प्रदान होगा. सूत्र ने कहा, बंधकों को जीवन भर जेल की सजा पाए 250 फिलिस्तीनियों और 7 अक्टूबर 2023 को युद्ध प्रारम्भ होने के बाद से इजरायल द्वारा अरैस्ट किए गए 1,700 अन्य लोगों के बदले में रिहा किया जाएगा. गाजा युद्धविराम के पहले चरण पर गुरुवार को मिस्र में हस्ताक्षर होने की आसार है.
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समझौते की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने को कहा कि गाजा में इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम समझौते के पहले चरण पर गुरुवार को मिस्र में लगभग 0900 GMT पर हस्ताक्षर किए जाने हैं.
अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि इजरायल और हमास गाजा में लड़ाई रोकने और बंधकों और कैदियों को रिहा करने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता वाली शांति योजना के पहले चरण पर सहमत हो गए हैं, जिससे फिलिस्तीनी क्षेत्र में दो वर्ष पुराना युद्ध खत्म हो जाएगा.
ट्रंप ने दो वर्ष से जारी युद्ध में महीनों में मिली सबसे बड़ी कामयाबी की रूपरेखा की घोषणा की.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘इसका मतलब है कि सभी बंधकों को जल्द रिहा कर दिया जाएगा और इजराइल अपने सैनिकों को एक तय सीमा तक वापस बुला लेगा. यह एक मजबूत, टिकाऊ और स्थायी शांति की दिशा में पहला कदम होगा.’’
उन्होंने कहा, ‘‘सभी पक्षों के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाएगा.’’
इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘ईश्वर की सहायता से हम उन सभी को घर वापस लाएंगे.’’
हमास ने बोला कि इस समझौते से इजराइली सैनिकों की वापसी सुनिश्चित होगी और साथ ही सहायता सामग्री का प्रवेश और बंधकों एवं कैदियों की अदला-बदली भी सुनिश्चित होगी.
इस घटनाक्रम से परिचित ऑफिसरों ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को कहा कि हमास इस हफ्ते के अंत में सभी 20 जीवित बंधकों को रिहा करने की योजना बना रहा है जबकि इजराइली सेना गाजा के अधिकांश हिस्से से वापसी प्रारम्भ कर देगी.
हालांकि कई प्रश्न अब भी बने हुए हैं लेकिन दोनों पक्ष पिछले कई महीनों की तुलना में युद्ध को खत्म करने के करीब पहुंच गए हैं.
इस युद्ध में हजारों फलस्तीनियों की मृत्यु हो गई है, गाजा का अधिकांश हिस्सा नष्ट हो गया है और इसने पश्चिम एशिया में अन्य सशस्त्र संघर्षों को जन्म दिया है.
इस युद्ध को लेकर पूरे विश्व में विरोध प्रदर्शन हुए और इजराइल पर नरसंहार के व्यापक इल्जाम लगाए गए जिनका वह खंडन करता रहा है.
इजराइल अलग-थलग पड़ गया है. प्रमुख पश्चिमी राष्ट्रों द्वारा हाल में फलस्तीन को मान्यता देने के प्रयासों के बावजूद फलस्तीनियों का एक स्वतंत्र राष्ट्र का सपना पहले से कहीं अधिक दूर दिखाई देता है.
मिस्र में ट्रंप समर्थित शांति योजना पर केंद्रित कई दिनों की वार्ता के बाद यह समझौता हुआ.
ट्रंप को आशा है कि इससे अंततः युद्ध का स्थायी अंत होगा और क्षेत्र में स्थायी शांति आएगी.
शांति वार्ता के लिए लज्जा अल-शेख में बुधवार को पश्चिम एशिया के मामलों के लिए ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के दामाद जेरेड कुशनर का आगमन इस बात का संकेत था कि वार्ताकार युद्ध खत्म करने की अमेरिकी योजना के सबसे मुश्किल मुद्दों पर गहराई से विचार करना चाहते थे.
कतर के पीएम शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी और नेतन्याहू के शीर्ष सलाहकार रॉन डर्मर भी इस वार्ता में उपस्थित थे.
युद्ध की आरंभ सात अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजराइल पर किए गए हमले से हुई जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था. इजराइल के जवाबी सैन्य हमले में हजारों फलस्तीनी मारे गए, गाजा तबाह हो गया और वैश्विक राजनीति में उथल-पुथल मच गई.
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, गाजा में 67,000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं और लगभग 170,000 घायल हुए हैं.
युद्ध प्रारम्भ होने के बाद से यह तीसरा युद्धविराम होगा. पहला युद्धविराम नवंबर 2023 में हुआ था जिसमें 100 से अधिक बंधकों को फलस्तीनी कैदियों के बदले रिहा किया गया था लेकिन युद्धविराम समझौता टिक नहीं पाया.
दूसरी बार युद्धविराम उसी वर्ष जनवरी और फरवरी में हुआ था. उस समय हमास ने लगभग 2,000 फलस्तीनी कैदियों के बदले 25 इजराइली बंधकों को रिहा किया गया था और आठ अन्य के मृतशरीर सौंपे थे. इजराइल की मार्च में एक अचानक बमबारी के साथ यह समझौता भी खत्म हो गया था.

