अंतर्राष्ट्रीय

2021 में नेपाल की मुस्लिम आबादी में दिखाई दी हलचल, जानें आँकड़े

भारत और नेपाल में कितनी बड़ी षड्यंत्र चल रही है इसका अंदाजा आपको इस रिपोर्ट से पता लग जाएगा. पहले यह आंकड़ा समझिये. नेपाल की 2021 की जनगणना के मुताबिक मुसलमान जनसंख्या 14 लाख 83 हजार 60 थी और यह कुल जनसंख्या का 5.09 फीसदी थी. खास बात यह कि साल 2011 की जनगणना में 4.39 फीसदी थी, लेकिन साल 2024 में यह बढ़कर 12 फीसदी हो गई है. साफ है कि नेपाल में मुसलमान जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हुई है और इसके पीछे एक बड़ी वजह भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में इन दिनों दोहरी नागरिकता का खेल है. पिछले साल से ही ऐसे कई मुद्दे सामने आए हैं जिससे यह पता लगा है कि नेपाल और बांग्लादेश के नागरिक फर्जी ढंग से हिंदुस्तान की नागरिकता ले रहे हैं.भारत में इस षड्यंत्र को सीमावर्ती रक्सौल और रामगढ़वा में साइबर कैफे वाले अंजाम दे रहे हैं. ये साइबर कैफे वाले नागरिकों के नाम औरपिता का नाम और जन्मतिथि बदल कर नेपाली नागरिकों का महज 3 से 10 हजार रुपए में आधार कार्ड बना दे रहे हैं और वह भी बिना किसी डॉक्यूमेंट्स लिए ही यह काम किया जा रहा है.

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रक्सौल के हरैया में एक साइबर संचालक ने बिना डॉक्यूमेंट्स के नेपाली नागरिक के लिए 10 हजार और भारतीय के लिए 8 हजार रुपए लेते हैं तो आधार कार्ड बन जाएगा. उधर, हिंदुस्तान के लोग नेपाल में संघ-संगठनों और संबंधियों की सहायता से नेपाली नागरिकता हासिल कर रहे हैं. दोनों राष्ट्रों की नागरिकता लेकर लोग जनसंख्या बढ़ा रहे हैं. जानकारी के अनुसार, नेपाल के कई संगठन वोट बैंक बढ़ाने के लिए बांग्लादेशी नागरिकों को नेपाली नागरिकता दिलवा रहे हैं. उन्हें छद्म सम्बन्धी बनाकर गवर्नमेंट पर दबाव बनाया जा रहा है. नेपाली नागरिकता मिलने के बाद बांग्लादेशी नागरिक हिंदुस्तान में सरलता से आ-जा रहे हैं. वहीं, फर्जी आधार कार्ड बनवाकर हिंदुस्तान की नागरिकता लेने का मुद्दा भी आया है. रक्सौल इमिग्रेशन विमाग ने पिछले वर्ष ही में एक बांग्लादेशी नागरिक को अरैस्ट किया तो पूछताछ में दोहरी नागरिकता का खुलासा हुआ.वहीं, सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट है कि अलकायदा, लश्कर-ए- तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इण्डिया और सिमी जैसे संगठनों के सदस्य भी नेपाल और हिंदुस्तान की नागरिकता ले चुके हैं. वही यह नेपाल गवर्नमेंट की जांच से इसका खुलासा हो सकता है.

दोहरी नागरिकता के मुद्दे में कई मुद्दे आए हैं

केस 1: हिंदुस्तान में दोहरी नागरिकता के दो बड़े मुद्दे सामने आए हैं. पहला मुद्दा 23 अप्रैल 2024 को रक्सौल में सामने आया. नेपाल से हिंदुस्तान में प्रवेश करते समय गुलाम गौस को अरैस्ट किया गया. उसके पास भारतीय आधार कार्ड और नेपाली नागरिकता दोनों मिले. आधार कार्ड में नाम गुलाम गौस, पिता मिल हसन, पता सीतामढ़ी जिला के सिरौली रामनगरा वार्ड 8 और जन्मतिथि 1 जनवरी 1996 दर्ज था. नेपाली नागरिकता में पता नेपाल के सरलाही जिला के मलंगवा वार्ड 3 और जन्मतिथि 1 जुलाई 1994 थी.

भारत-बांग्लादेश दोनों का पासपोर्ट और आधार कार्ड

केस 2: दूसरा मुद्दा 14 जुलाई 2024 को सामने आया. रक्सौल से वीरगंज जाते समय एक बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा गया. उसके पास हिंदुस्तान और बांग्लादेश दोनों का पासपोर्ट और आधार कार्ड मिला. भारतीय पासपोर्ट में नाम मोहम्मद जावेद, पता 124/1 एससीएम रोड बैद्दवटी सेमापुर, हुगली, बंगाल और जन्मतिथि 13 फरवरी 1987 थी. बांग्लादेशी पासपोर्ट में नाम जीएम सोहाग, पिता अब्दुर रजाक गाजी, पता बोतल बोनिया, पतुआखाली सदर, जिला पतुआखाली, बांग्लादेश दर्ज था. उस पर हिंदुस्तान में रहकर हिंदुस्तान विरोधी गतिविधियों का इल्जाम है.

सीमावर्ती क्षेत्रों की चौकसी पुलिस के लिए चुनौती

केस 3: पिछले दिनों मोतिहारी के रक्सौल में एक होटल में छुपकर रह रहे दक्षिण कोरिया नागरिक को भी पुलिस ने जब अरैस्ट किया उसके पास से आधार कार्ड मिला. नेपाली और भारतीय रूपयों के साथ-साथ आधार कार्ड मिलना पुलिस के लिए चुनौती बन गयी और पुलिस उसे मुद्दे में भी जांच कर रही है कि आखिर इसका आधार कार्ड कहां से बना है.

भारत और नेपाल में रची जा रही बड़ी साजिश

नेपाली नागरिकता लेने वालों में हिंदुस्तान और बांग्लादेश के अतिरिक्त अन्य राष्ट्रों के लोग भी शामिल हैं. दोनों राष्ट्रों के लोग व्यापार, रियल एस्टेट और बैंक लोन लेकर दिवालिया घोषित हो जाते हैं और फिर दूसरे राष्ट्र में शरण ले लेते हैं. व्यापार में घाटा बताकर बैंक लोन हजम कर रहे हैं. क्राइम कर एक राष्ट्र से दूसरे राष्ट्र में छिप जाते हैं. बांग्लादेश और अन्य राष्ट्रों के नागरिक नेपाल और हिंदुस्तान की नागरिकता लेकर कट्टरपंथ, नशीला पदार्थ तस्करी, जाली नोट, मानव स्मग्लिंग और लव जिहाद जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं. नेपाल के रास्ते जिहाद जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं. नेपाल के रास्ते हिंदुस्तान में गैरकानूनी घुसपैठ कर हिंदुस्तान विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की षड्यंत्र रची जा रही है.

नेपाल-भारत में बेतहाशा बढ़ रही मुसलमान आबादी

पूर्वी चंपारण जिले के एसपी स्वर्ण प्रभात ने लगातार विदेशी नागरिकों के बॉर्डर इलाकों में मिलने को लेकर चिंता जाहिर की है और साथ उन्होंने बोला कि बॉर्डर पर सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है. हर आने जाने वाले की पूरी पूछताछ की जा रही है. वैसे विदेशी जो घुसपैठ करने की प्रयास कर रहे हैं या फिर नेपाल भागने की फिराक में है या नेपाल से आने की जुगत में हैं, वैसे लोगों पर पूरी नजर रखी जा रही है. साथ ही किसी भी आदमी के पूरी जांच के बाद ही हिंदुस्तान में प्रवेश किया जा रहा है. बहरहाल, दोहरी नागरिकता के बढ़ते मामलों के बीच भारत-नेपाल सीमा के आसपास मुसलमान जनसंख्या का बेतहाशा बढ़ना किसी बड़ी षड्यंत्र का हिस्सा है. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के साथ ही हिंदुस्तान और नेपाल की सरकारों को नयी नीति लागू करने की भी आवश्यकता महसूस की जा रही है.

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