इजराइल को 39 फिलिस्तीनी कैदियों को अपनी कैद से करना पड़ा रिहा
तेल अवीव: आज इजराइल-हमास युद्ध का 50वां दिन है, इस दौरान इजराइल और हमास के बीच नवीनतम समझौते के अनुसार 13 इजराइली नागरिकों, 10 थाई नागरिकों और एक फिलिपिनो नागरिक को रिहा किया गया है। बदले में इजराइल को भी 39 फिलिस्तीनी कैदियों को अपनी कैद से रिहा करना पड़ा।
24 लोगों को रिहा कर दिया गया
इज़रायल और हमास के बीच शुक्रवार से प्रारम्भ हुए चार दिवसीय युद्धविराम के दौरान इज़रायली बंधकों में से सिर्फ़ स्त्रियों और बच्चों के मुक्त होने की आशा है। इनके अतिरिक्त गाजा में सभी इजरायली मर्दों और कई स्त्रियों को बंदी बनाकर रखा गया है। हमास ने शुक्रवार को 24 लोगों को रिहा कर दिया, जिनमें 13 इजरायली महिलाएं और बच्चे, 10 थाई और एक फिलिपिनो शामिल हैं।
बंधकों के परिजन अपनों का प्रतीक्षा कर रहे हैं
13 इजरायली नागरिकों की रिहाई के बाद जिन लोगों की रिहाई नहीं हुई उनके परिवारों की बेचैनी बढ़ गई है। कई परिवार अपने प्रियजनों को वापस पाकर खुश हैं, जबकि अन्य को आशा है कि इस बार नहीं तो उनके परिवार के सदस्यों को रिहा कर दिया जाएगा। हर कोई पूरे संयम और साहस के साथ अपनों का प्रतीक्षा कर रहा है।
उनमें से एक दानी मिरान हैं, जिनके बेटे ओमरी को बंधक बना लिया गया था, लेकिन वह रिहा किए गए बंधकों में से नहीं हैं। उन्हें पूरी आशा है कि उनका बेटा जल्द ही उनके बीच होगा। समाचार एजेंसी एपी से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मेरा बेटा सूची में नहीं है, वह 46 वर्ष का है और मुझे आशा है कि वह स्वस्थ है। मुझे आशा है कि उन्होंने उसे किसी भी तरह से परेशान या प्रताड़ित नहीं किया होगा।”
बंधकों की वापसी के लिए गवर्नमेंट पर दबाव
बंधकों की दुर्दशा देखकर परिवार वालों की चिंता बढ़ती जा रही है, जिसके बाद उन्होंने स्वयं ही अपनों को वापस लाने की मुहिम प्रारम्भ कर दी है। अब ये लोग इजरायली गवर्नमेंट पर दबाव बना रहे हैं। इस दबाव को देखते हुए आशा की जा सकती है कि इजरायली गवर्नमेंट युद्धविराम की समयसीमा को कुछ और समय के लिए बढ़ा सकती है।
हमास के आतंकवादी बंधकों को एक औज़ार के तौर पर देख रहे हैं
दरअसल, गाजा में आतंकी बंदियों को इजरायल के साथ अपने युद्ध में एक जरूरी सौदेबाजी के साधन के रूप में देखते हैं। हमास से जुड़े आतंकी समूह इस्लामिक जिहाद के नेता ने शुक्रवार को बोला कि बंदी इजरायली सैनिकों को तब तक रिहा नहीं किया जाएगा जब तक कि इजरायल द्वारा बंदी बनाए गए सभी फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा नहीं कर दिया जाता।

