इजराइल जल्द ही इस युद्ध में करेगा जीत हासिल
मिडिल ईस्ट यूरोप कॉरिडोर: हमास के आतंकवादी हमले के बाद इजरायल और फिलिस्तीन के बीच जंग प्रारम्भ हो गई है। आतंकवादी हमले के बाद इजराइल ने तुरंत युद्ध की घोषणा कर दी और गाजा पट्टी पर आक्रमण कर दिया। कहा जा रहा है कि इजराइल जल्द ही इस युद्ध में जीत हासिल करेगा। लेकिन यदि ये रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की तरह लंबे समय तक चला तो हिंदुस्तान के साथ-साथ अरब राष्ट्रों को भी काफी हानि हो सकता है। 
इस युद्ध के कारण जी20 शिखर सम्मेलन में प्रारम्भ की गई महत्वाकांक्षी परियोजना भारत-मध्य पूर्व आर्थिक गलियारा पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इसराइल भी इस योजना का हिस्सा है। इस कॉरिडोर को बनाने का मुख्य उद्देश्य चीन की BRI परियोजना का मुकाबला करना है। लेकिन इस युद्ध के कारण यह प्रोजेक्ट प्रारम्भ नहीं हो सका।
यह गलियारा मध्य पूर्व से निकलेगा
भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे के साथ तीन क्षेत्रों के बीच शिपिंग और रेलवे लिंक विकसित करने की योजनाओं की घोषणा की गई। इससे पहले I2, You2 (इज़राइल, यूएई और यूएस कॉरिडोर) समझौता हुआ था। लेकिन इजराइल और हमास के बीच युद्ध के बाद उसकी कुछ महत्वाकांक्षी योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। अमेरिका, सऊदी अरब और इजराइल के बीच संबंध सामान्य करने के साथ-साथ हिंदुस्तान से यूरोप तक आर्थिक गलियारा बनाने पर बल दिया जा रहा है। यह गलियारा मध्य-पूर्व से होकर गुजरेगा, इसलिए इजराइल और हमास के बीच युद्ध के कारण यह परियोजना रुकी हुई है।
ये है हिंदुस्तान के इस मसाला रूट का प्लान
भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे में दो भिन्न-भिन्न गलियारे हैं। पूर्वी गलियारा हिंदुस्तान को अरब की खाड़ी से जोड़ेगा और उत्तरी गलियारा अरब की खाड़ी को यूरोप से जोड़ेगा। योजना में एक रेलवे परियोजना भी शामिल है, जो सीमा पार रेल पारगमन नेटवर्क प्रदान करेगी। इससे भारत, यूएई, सऊदी अरब, जॉर्डन, इजराइल और यूरोप के बीच माल की आवाजाही सरल हो जाएगी।
प्रोजेक्ट खटाई में पड़ता नजर आ रहा है
इस युद्ध में अमेरिका, ब्रिटेन और उसके सहयोगी फ्रांस, जर्मनी और इटली इजराइल का समर्थन कर रहे हैं जबकि ईरान, सीरिया और कतर हमास का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में इस प्रोजेक्ट पर ग्रहण लग सकता है। इस पर यूएई ने बहुत सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। इसे हिंदुस्तान के लिए स्पाइस रूट भी बोला जा रहा था, क्योंकि यह इसे खाड़ी राष्ट्रों और यूरोप से भी जोड़ेगा।
चीन को क्यों होगा फायदा?
भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे में व्यवधान से चीन को झटका लगेगा। चीन इस क्षेत्र में अपना आधिपत्य जता रहा है। साथ ही चीन BRI प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करना चाहता है। चीन सऊदी अरब और ईरान के बीच संबंध सुधारने की भी प्रयास कर रहा है।

