Canada में ट्रूडो का राज खत्म होते ही खालिस्तानियों के सामने आई ये चुनौती
आतंकी हरदीप सिंह निज्जर मर्डर मुकदमा में कनाडा गवर्नमेंट को झटका लगा है. खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की मर्डर के आरोपी चार भारतीय नागरिकों को कनाडा की एक न्यायालय ने जमानत दे दी है. चार आरोपी भारतीय नागरिकों – करण बराड़, अमनदीप सिंह, कमलप्रीत सिंह और करणप्रीत सिंह पर प्रथम श्रेणी की मर्डर और मर्डर की षड्यंत्र का इल्जाम लगाया गया था.
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18 जून 2023 को अलगाववादी हरदीप सिंह कोलंबिया में एक गुरुद्वारा की पार्किंग में गोली मारकर मर्डर कर दी गई थी. न्यायालय के दस्तावेजों के मुताबिक, ये हिरासत में नहीं हैं. निज्जर हत्याकांड भारत-कनाडा के बीच टकराव की वजह बन गया था, क्योंकि पीएम जस्टिन ट्रूडो ने मर्डर में हिंदुस्तान के शामिल होने का इल्जाम लगाया था.
चार भारतीय नागरिकों को रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने मई 2024 में कनाडा के विभिन्न हिस्सों से अरैस्ट किया था. हालाँकि, प्रारंभिक सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत करने में देरी की आलोचना हुई. अदालती दस्तावेजों से पता चलता है कि सभी चार लोगों को मुकदमे की प्रतीक्षा के दौरान कार्यवाही पर रोक के अनुसार रिहा कर दिया गया था. वे 18 नवंबर, 2024 को सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय में पेश हुए. अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, सभी चार प्रतिवादियों की स्थिति को ‘एन’ के रूप में चिह्नित किया गया था, जो दर्शाता है कि वे हिरासत में नहीं हैं.
इसका मतलब यह है कि व्यक्तियों को वर्तमान में हिरासत में नहीं लिया गया है और आगे की अदालती कार्यवाही की प्रतीक्षा करते हुए वे जमानत पर बाहर हो सकते हैं या विशिष्ट शर्तों के अनुसार रिहा हो सकते हैं. कनाडाई गवर्नमेंट ने मुद्दे को सरे प्रांतीय कोर्ट से ब्रिटिश कोलंबिया उच्चतम न्यायालय में स्थानांतरित करते हुए प्रत्यक्ष अभियोग लागू किया है. यह कानूनी पैंतरेबाज़ी प्रारंभिक जांच को दरकिनार कर देती है, जिससे मुद्दे की सुनवाई में तेजी आती है.

