जानें, ट्रंप के फैसलों पर क्या राय रखता है चीन…
वाशिंगटन: चीन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर के मध्य पलटवार कर दिया है। अमेरिका पर 10 से 15 फीसदी का टैरिफ भी लगाया जा चुका है। चीन के कदम से वैश्विक स्तर पर हलचल और भी अधिक तेज हो चुकी है।

चीन ने अमेरिका के कोयले और LNG उत्पादों पर 15 फीसदी का टैरिफ लगा दिया गया है। इसके साथ ही अमेरिकी कच्चे ऑयल और अन्य उत्पादों पर 10 फीसदी टैरिफ लगा दिया गया है। इतना ही नहीं डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के पश्चात कनाडा, मेक्सिको और चीन पर टैरिफ लगाने के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर भी कर दिया है। ये टैरिफ एक फरवरी से लागू कर दिया था। लेकिन विरोध के पश्चात मेक्सिको और कनाडा पर लगाए गए टैरिफ की अवधि को एक माह के लिए बढ़ाने का निर्णय कर लिया है। लेकिन चीन पर टैरिफ जस का तस रख दिया है।
ट्रंप के फैसला पर बिफरा गया था चीन: ट्रंप सरकार की ओर से टैरिफ लगाए जाने के निर्णय पर चीन आगबबूला हो उठा दिया। चीन ने बयान जारी कर कहा था कि हम टैरिफ का विरोध करते हैं। विश्व व्यापार संगठन में हम अमेरिका के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रहे है। अमेरिका गलत तरीका इस्तेमाल करने में लगे हुए है। हम अपने हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हो चुका है।
चीन की सरकार ने इस बारें में कहा था कि ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में जो टैरिफ लगा दिया था, उसे बाइडन ने अब भी बरक़रार रखा था लेकिन अब हम पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया गया है।
ट्रंप की शर्तों को लेकर चीन ने कर दिया वार: खबरों का बोलना है कि ट्रंप सरकार ने कनाडा और मेक्सिको को तो 30 दिन की छूट दे डाली थी लेकिन चीन को इस तरह की कोई राहत नहीं मिल पाई। डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को 30 दिनों की छूट देते हुए कहा था कि वह फेंटानिल की बिक्री पर नकेल कसने के लिए फेंटानिल जार (Fentanyl Czar) नियुक्त कर दें। मेक्सिको से तुरंत रेट से 10,000 सैन्यकर्मियों को अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर पर तैनात करने के लिए कहा है ताकि वहां से अमेरिकी सीमा में धड़ल्ले से भेजी जा रही फेंटानिल की खेपों को रोक दिया जाएगा।
फेंटानिल एक बहुत घातक ड्रग है। फेंटानिल एक अत्यधिक मादक सिंथेटिक ओपिओइड है, जिसे हेरोइन की तुलना में लगभग 50 गुना और मॉर्फिन की तुलना में देखें तो ये 100 गुना अधिक ताकतवर बोला जाता है। इतना ही नहीं अमेरिका में यह प्रतिबंधित है लेकिन इल्जाम है कि चीन मेक्सिको और कनाडा के माध्यम से अमेरिका में धड़ल्ले से इसे बेचने में लगे हुए है। जिससे हर वर्ष हजारों अमेरिकी नागरिकों की मृत्यु हो रही है। इससे ट्रंप खफा है। इतना ही नहीं डोनल्ड ट्रंप आरंभ से ही आरोप लगाते आ रहे हैं कि चीन फेंटानिल जैसे घातक ड्रग को अमेरिका में बेचने लगे है। इसके लिए वह मेक्सिको और कनाडा के रास्ते अमेरिका में फेंटानिल की खेप भेज रहा है। इस बिक्री से चीन बड़ी धनराशि कमा रहा है लेकिन अमेरिकी पुरुष इससे बर्बाद होने लग गए है।
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक ट्रंप का वास्तविक मकसद टैरिफ लगाना नहीं बल्कि इन टैरिफ की आड़ में चीन को नीचे झुकाना था। एक्सपर्ट्स का इस बारें में बोलना है कि जिस तरह से मेक्सिको बॉर्डर पर 10 हजार सैनिकों की तैनाती की मांग ट्रंप ने मेक्सिको से मनवा चुके है। कनाडा के रास्ते अमेरिका में फेंटानिल की बिक्री को रोकने के लिए फेंटानिल जार को नियुक्त करने तक की शर्त रख दी थी | उससे साफ है कि ट्रंप चीन पर चोट कर रहे हैं।

