जानें, क्यों परमाणु बम की चाबी कहा जाता है सेंट्रीफ्यूज, इस देश ने कस ली है कमर…
Israel Iran War: इजरायल ने ईरान पर परमाणु हथियार बनाने का इल्जाम लगाते हुए ऑपरेशन राइजिंग लॉयन नाम से धावा बोल दिया है। दावा है कि ईरान ने फोरडो, नातांज जैसे परमाणु संयंत्रों में संवर्धित यूरेनियम वाले हजारों सेंट्रीफ्यूज तैयार कर लिए हैं। लेकिन ये सेंट्रीफ्यूज क्या बला हैं, क्यों इसे परमाणु बम बनाने की चाबी माना जाता है। आइए जानते हैं…

दररअसल, परमाणु हथियार बनाने में रेडियोएक्टिव पदार्थ यूरेनियम या प्लूटोनियम का इस्तेमाल होता है, लेकिन ये यूरेनियम बहुत भारी होने के कारण इसे पहले गैस के तौर पर यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड (UF6) में बदला जाता है। फिर इससे भारी आइसोटोप (एक प्रकार के अणु) को अलग करना पड़ता है, जो काम इन सेंट्रीफ्यूज मशीनों में होता है। सेंट्रीफ्यूज में तेजी से घूमते रोटर में हल्के अणु केंद्र में इकट्ठा होते हैं, जबकि भारी अणु बाहर निकलते जाते हैं।
ईरान ने काफी संवर्धित यूरेनियम बनाया
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने नातांज संयंत्र में संवर्धित यूरेनियम से भरे 15 हजार से अधिक सेंट्रीफ्यूज तैयार कर लिए थे। उसने कोम क्षेत्र में पहाड़ के अंदर बने फोरडो न्यूक्लियर प्लांट में भी सेंट्रीफ्यूज का बड़ा जखीरा तैयार कर रखा है। इसे कभी भी परमाणु बम बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। इजरायल और अमेरिका के निशाने पर यही एटमी संयंत्र हैं।
नातांज परमाणु संयंत्र तबाह
इजरायल के हवाई हमले में ईरान का नातांज परमाणु संयंत्र तबाह हो गया है। इसकी सैटेलाइट इमेज सामने आई हैं। यहां सेंट्रीफ्यूज नष्ट होने और परमाणु कचरा उत्पन्न होने की घातक रिपोर्ट सामने आई हैं। हालांकि फोरडो को ध्वस्त करना इजरायल के बूते की बात नहीं है। इसके लिए अमेरिका के बंकर ब्लास्ट बम यानी 14 हजार किलो वजन वाले एमओपी बम की आवश्यकता होगी।IAEA ने माना है कि इजरायल के हमलों से यूरेनियम संवर्धन संयंत्र में सेंट्रीफ्यूज टूटकर बिखर गए हैं। ये ईरान के लिए बड़ा झटका है।
परमाणु बम बनाने में कितना यूरेनियम आवश्यक
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने 60 फीसदी शुद्धता का संवर्धित यूरेनियम इकट्ठा कर लिया है। यदि ये 90 प्रतिशत तक पहुंच जाता है तो उससे 9-10 परमाणु बम बनाए जा सकते हैं। ईरान ने यूरेनियम मेटल कोर और परमाणु विस्फोट कराने के लिए न्यूट्रॉन सोर्स इनिशिएशन जैसे जरूरतें भी पूरी कर ली हैं। उसके पास ऐसी बैलिस्टिक मिसाइलें पहले से ही हैं, जिनमें परमाणु बम को वारहेड के तौर पर इस्तेमाल कर दागा जा सकता है।
ईरान ने पाक से चोरी छिपे ली परमाणु तकनीक
पाकिस्तान पर ईरान को चोरी छिपे परमाणु हथियार बनाने की तकनीक देने का इल्जाम है।उसके परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल कादिर खान ने तकनीक उत्तर कोरिया, ईरान जैसे राष्ट्रों को दी थी। ईरान ने प्रोजेक्ट आमद के अनुसार 1980 में न्यूक्लियर प्रोग्राम पर काम प्रारम्भ किया और फोर्दो में एक सीक्रेट यूरेनियम एनरिचमेंट प्लांट बनाया। लेकिन दुनिया के दबाव में 2015 में उसने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर कर बोला था कि वो परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।लेकिन 2018 में ये समझौता भी तोड़ दिया। आईएईए ने बोला कि ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने की शर्तों का उल्लंघन किया है।

