दहशत की रात! काबुल में हुए जोरदार धमाकों से मचा हड़कंप, पाकिस्तान पर उठे सवाल
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में रविवार देर रात हुए सिलसिलेवार धमाकों की घटना के बाद तनाव नाटकीय रूप से बढ़ गया है. संभावना जताई जा रही है कि ये विस्फोट बिना उकसावे के सीमा पार से किए गए हवाई हमलों का नतीजा थे.

कथित तौर पर ये विस्फोट पूर्वी काबुल के डिस्ट्रिक्ट 8 से प्रारम्भ हुए, जो प्रमुख सरकारी सुविधाओं और आवासीय क्षेत्रों का केंद्र है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के दौरान आसमान से विमानों की आवाजें सुनाई दे रही थीं.
सिलसिलेवार धमाकों के बाद से क्षेत्र में भय का माहौल देखा जा रहा है. भले ही विस्फोटों के पीछे का परफेक्ट साधन और उद्देश्य का अभी तक पता नहीं चल सका, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स में हवाई हमलों की संभावना जताई गई है.
उल्लेखनीय है कि यह घटना पाक के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की ओर से नेशनल असेंबली में दिए गए एक तीखे बयान के कुछ ही घंटों बाद हुई. इस दौरान ख्वाजा आसिफ ने राजनयिक धैर्य में कमी का संकेत देते हुए बोला था, बस, अब बहुत हो गया. हमारा संयम उत्तर दे चुका है. अफगानिस्तान की धरती से आतंकवाद असहनीय है.
नेशनल असेंबली में आसिफ ने पाकिस्तानी ऑफिसरों की पिछली काबुल यात्रा को याद किया था. उस दौरान अफगान ऑफिसरों ने कथित तौर पर पाक को निशाना बनाकर की जा रही आतंकी गतिविधियों के विरुद्ध आश्वासन देने से इनकार कर दिया था.
हालांकि, पाक ने आधिकारिक तौर पर किसी भी हमले की पुष्टि नहीं की है, लेकिन आसिफ की टिप्पणियों के समय और उसके बाद काबुल में हुए विस्फोटों ने सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है.
इस बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर, पाक के इस्लामाबाद और रावलपिंडी शहरों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अचानक ठप कर दी गई हैं. पाक ऑफिसरों ने इसे लेकर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है.
बलूच प्रतिनिधि मीर यार बलूच ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा, हम काबुल में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं, जो पाक की ओर से किया गया है. यदि अफगानिस्तान बलूचिस्तान को एक स्वतंत्र (स्वायत्त) देश के रूप में मान्यता दे, तो पाक और उसकी सेना की ओर से की जा रही आतंकी गतिविधियों को कुछ ही हफ्तों में खत्म किया जा सकता है. जैसे-जैसे तनाव बढ़ रहा है, आगे सैन्य वृद्धि की आसार को लेकर आशंकाएं बढ़ रही हैं.

