अंतर्राष्ट्रीय

सच हुआ पाकिस्तान का सबसे बड़ा डर, 5 प्रांतों ने एक साथ किया हमला

जो कभी दूसरे के घरों को आग लगाने का काम करता था. आज वही पाक का घर चारो तरफ से धुंआ-धुंआ हो गया है. पाक पर टीटीपी के हमले के बाद अब अफगानिस्तान की तरफ से ऐसा वार हुआ है जिसने पाक की जमीन और आसमान दोनों को छीन लिया है. पाक पर टीटीपी के हमले के बाद अब अफगानिस्तान ने भी भयंकर धावा कर दिया है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद ये पाक पर दूसरा बड़ा धावा है. अफगानिस्तान ने पाक पर आठ जगहों से धावा किया है. पाक और अफगानिस्तान की सीमा यानी डूरंड लाइन पर अफगानी सेना ने अभी से दीवाली मनानी प्रारम्भ कर दी है. अफगानिस्तान ने दावा किया है कि उसने पाक के 58 सैनिकों को मार दिया है. पाक के तीन सैनिकों को अगवा कर लिया है. जबकि 25 पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा कर लिया गया है. ये पाक पर बहुत बड़ा अटैक है.

Pakistan saudi defence pact
WhatsApp Group Join Now

पाकिस्तान पर अफगानिस्तान के इस भयंकर हमले के बाद सऊदी अरब और कतर के भी बयान सामने आए हैं, जिसे सुनकर पाक के होश उड़े हुए हैं. कुछ दिन पहले से पाक सऊदी अरब और कतर का नाम लेकर हवा में कुछ अधिक ही उड़ रहा था. लेकिन अफगानिस्तान ने पाक को जमीन पर पटक दिया है. सबसे दिलचस्प ये है कि सऊदी अरब ने कुछ दिन पहले ही पाक के साथ एक डील करते हुए बोला था कि पाक पर धावा हम पर भी धावा माना जाएगा. लेकिन अब तो अफगानिस्तान ने पाक पर धावा कर दिया है. ऐसे में सऊदी अरब जो बात बोलकर भागा है वो सभी को दंग कर देगा. अफगानिस्तान की सेना लगातार पाक की तरफ बढ़ रही है. ऐसा लग रहा है मानो अब हिंदुस्तान के बाद अफगानिस्तान भी आसिम मुनीर को दूसरा प्रमोशन दिलवा कर रहेगा.

सऊदी अरब और कतर ने पाक और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर संघर्ष पर चिंता व्यक्त की तथा दोनों पक्षों से धैर्य बरतने और तनाव कम करने के लिए वार्ता करने का आग्रह किया. सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने 11 दिसंबर को बोला कि सऊदी अरब इस्लामी गणराज्य पाक और अफगानिस्तान राज्य के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव और झड़पों पर चिंता व्यक्त करता है. कतर के विदेश मंत्रालय ने तनाव बढ़ने और क्षेत्र की सुरक्षा एवं स्थिरता पर इसके संभावित प्रभावों पर चिंता व्यक्त की. इसने दोनों पक्षों से बातचीत, कूटनीति और धैर्य को अहमियत देने का आग्रह किया.

पाकिस्तान अफ़ग़ान ऑफिसरों पर प्रतिबंधित समूह तहरीक-ए-तालिबान पाक (टीटीपी) के सदस्यों को पनाह देने का इल्जाम लगाता है, जिसके बारे में इस्लामाबाद का बोलना है कि वह पाक के अंदर खतरनाक हमले करता है. काबुल इस इल्जाम से इनकार करता है और ज़ोर देकर कहता है कि वह अपनी ज़मीन का इस्तेमाल दूसरे राष्ट्रों के ख़िलाफ़ नहीं होने देगा. टीटीपी, जो एक अलग समूह है, लेकिन पाकिस्तानी ऑफिसरों द्वारा अफ़ग़ान तालिबान का सहयोगी माना जाता है, 2000 के दशक के उत्तरार्ध से पाक में हुए कुछ सबसे खतरनाक हमलों के पीछे रहा है.

Back to top button