मुसलमानों से माफी मांगेगी श्रीलंका की सरकार, जानिए पूरी बात…

कानून लाने का किया गया फैसला
एक कैबिनेट नोट के अनुसार, श्रीलंकाई मंत्रिमंडल ने सोमवार को एक बैठक में मार्च 2020 में थोपे गए आदेश के लिए मुसलमान समुदाय से माफी मांगने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी. इसमें बोला गया है कि मंत्रिमंडल ने गवर्नमेंट की ओर से सभी समुदायों से माफी मांगने का निर्णय किया है. मंत्रिमंडल ने ऐसे विवादास्पद कदमों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कानून लाने का भी फैसला लिया. बयान में बोला गया है कि मंत्रिमंडल ने धर्म के आधार पर शवों को दफनाने या दाह संस्कार पर एक प्रस्तावित कानून को भी स्वीकृति दे दी है. इसमें एक कानून लाने की ओर ध्यान आकर्षित किया गया है जो किसी खास आदमी या संबंधियों को मृत आदमी को दफनाने या उसका दाह संस्कार के चयन की अनुमति देगा.
‘276 मुस्लिमों का किया गया दाह संस्कार’
मुस्लिम समुदाय ने जबरन दाह संस्कार नीति का विरोध किया था और कुछ ने तो अपने प्रियजनों के शवों को हॉस्पिटल के मुर्दाघरों में छोड़ दिया था. समुदाय के सदस्यों ने बोला था कि या तो उन्हें मृतशरीर जलाने की अनुमति देने के लिए विवश किया गया था या उनकी जानकारी के बिना ऐसा किया गया था. इस्लाम में मृतशरीर दाह वर्जित है. फरवरी 2021 में आदेश के रद्द किए जाने से पहले श्रीलंका में 276 मुस्लिमों का दाह संस्कार किया गया. श्रीलंका की गवर्नमेंट ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का हवाला देकर दफनाने की अनुमति देने की मांग का विरोध किया था. तब गवर्नमेंट ने कुछ जानकारों की राय का हवाला दिया था जिसमें उन्होंने दावा किया था कि कोविड-19 पीड़ितों को दफनाने से जल स्तर प्रदूषित हो जाएगा जिससे महामारी और फैलेगी.

