चिड़िया गरजी शेर पर! चीन से भिड़ने की चेतावनी दे रहा है ताइवान, शुरू हो गया युद्धाभ्यास
China Taiwan Tension: भारत-पाकिस्तान, ईरान-इजरायल के बाद दुनिया में एक और युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। इसका केंद्रबिंदु चीन है। दरअसल,चीन से युद्ध की बढ़ती संभावना के बीच ताइवान ने अब तक के सबसे बड़े युद्धाभ्यास का घोषणा कर दिया है। 10 दिनों के इस युद्धाभ्यास में ताइवान ने 31 लड़ाकू विमानों के साथ सात युद्धपोत उतार दिए हैं। उसने नियमित सेना के अतिरिक्त 22 हजार रिजर्व सैनिकों को भी जंगी तैयारियों में जुटने का हुक्म दिया है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ताइवान पर हमले की हालिया धमकी के बीच ताइवान ये सैन्य तैयारी कर रहा है। चीन के फाइटर जेट और युद्धपोत लगातार ताइवान की समुद्री सीमा के आसपास मंडरा रहे हैं और इसे छोटे से द्वीपीय राष्ट्र की घेरेबंदी के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि युद्ध की नौबत आए तो कोई अन्य देश उसकी सहायता न कर पाए।

माना जा रहा है कि ताइवान की घेरेबंदी बढ़ाने के साथ चीन लगातार पड़ोसी देशों पर दबाव डाल रहा है कि वो उससे नाता तोड़ लें और सैन्य संघर्ष की नौबत आती है तो उससे दूर ही रहें। ताइवान इस युद्धाभ्यास में अमेरिका की खतरनाक HIMARS मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है, जिसमें एक समय में छह रॉकेट के साथ सतह से सतह तक मार करने वाली मिसाइलें दागी जा सकती है। उसने अमेरिका से मिले अब्राम टैंक भी युद्धाभ्यास में उतारे हैं। साथ ही मानवरहित ड्रोन का इस्तेमाल भी वो करेगा। अमेरिकी ताइवान को हथियारों का सबसे बड़ा सप्लायर है, हालांकि उससे कूटनीतिक संबंध नहीं हैं।
9 से 18 जुलाई तक चलने वाली ये ड्रिल चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की ताइवान जलडमरूमध्य क्षेत्र में बढ़ते दखल का उत्तर मानी जा रही है। चीन-ताइवान समुद्री सीमा के निकट ताइवानी जहाजों के लिए चीनी नेवी-कोस्टगार्ड और युद्धपोत मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। युद्धपोत में ताइवान उन संभावित तटीय इलाकों में मोर्चेबंदी करेगा, जहां चीनी सेना हमले के समय उतर सकती है।
चीन ताइवान को अपना ही हिस्सा मानता है और उसे आवश्यकता पड़ने पर उसे ताकत से कब्जाने की धमकी देता रहता है। ताइवान चीन के तट से महज 160 किलोमीटर दूर है। चीनी रक्षा मंत्रालय ने बोला है कि ताइवान को चेताया है। उसने कहा, वो चाहें जैसे भी हथियारों का इस्तेमाल कर लें, लेकिन चीनी सेना से पार नहीं पा सकते और ताइवान का चीन के मुख्य भूभाग में विलय तय है। युद्धाभ्यास के बीच चीन के फाइटर जेट और जहाजों ने ताइवानी फौज को भड़काने की प्रयास भी की।
जापान ने नया सैन्य ठिकाना खोला
उधर, जापान ने कुयुश आइलैंड (Camp Saga) पर नया आर्मी बेस खोल दिया है। उसने इस सैन्य ठिकाने पर सेना की नयी टुकड़ी और युद्धपोतों के साथ V-22 लड़ाकू विमानों का बेड़ा तैनात किया गया है। चीन के नए युद्धपोतों, विमानवाहक पोतों के साथ नौसेना की शक्ति बढ़ाने के बीच जापान ने ये कदम उठाया है। जापान ने अपना रक्षा बजट भी करीब 3 प्रतिशत बढ़ाया है।

