फलस्तीनी आतंकवादियों द्वारा दागे गए रॉकेट के निशाना चूकने से हुआ यह विस्फोट
गाजा के एक हॉस्पिटल में हुए भयंकर विस्फोट में सैकड़ों लोगों की मृत्यु हो गई। इस हॉस्पिटल में पहले से घायल रोगियों की भरमार थी और अन्य फलस्तीनी नागरिक भी यहां शरण लिए हुए थे।हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
हमास ने इसे इजराइल का हवाई धावा कहा जबकि इजराइल की सेना ने इल्जाम लगाया कि फलस्तीनी आतंकियों द्वारा दागे गए रॉकेट के निशाना चूकने से यह विस्फोट हुआ।
मंत्रालय ने कहा कि कम से कम 500 लोग मारे गए हैं।
अस्पताल में हुए विस्फोट के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति जो। बाइडन की पश्चिम एशिया की यात्रा रद्द हो गई है। बाइडन की इस यात्रा से युद्ध से उत्पन्न संकट के निवारण की आशा थी।
जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने बोला कि उनके राष्ट्र ने अम्मान में बुधवार को होने वाले क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन को रद्द कर दिया है, जिसमें बाइडन जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय, फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल जीत अल-सीसी से मुलाकात करने वाले थे।
जॉर्डन के विदेश मंत्री ऐमन सफादी ने सरकारी टेलीविजन को कहा कि इजराइल और हमास के बीच युद्ध ने ‘‘क्षेत्र को संकट के कगार पर धकेल दिया है’’। उन्होंने बोला कि जॉर्डन शिखर सम्मेलन का आयोजन तभी करेगा जब सभी इस बात पर सहमत होंगे कि इसका उद्देश्य ‘‘युद्ध को रोकना’’, फलस्तीनियों की इन्सानियत का सम्मान करना और उन्हें सहायता का उनका वाजिब अधिकार प्रदान करना होगा।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बोला कि बाइडन अब केवल इजराइल का दौरा करेंगे।
अल-अहली हॉस्पिटल में हुए विस्फोट के बाद चारों ओर हृदयविदारक दृश्य दिखाई दिए। इससे संबंधित एक वीडियो में चारों ओर क्षत-विक्षत मृतशरीर बिखरे दिखे जिनमें ज्यादातर मृतशरीर बच्चों के थे। चारों ओर कंबल, बच्चों के विद्यालय बैग और अन्य सामान बिखरा दिखा।
हमास ने हॉस्पिटल में मंगलवार को हुए विस्फोट को ‘‘अत्यंत भयावह नरसंहार’’ करार दिया है और बोला है कि यह इजराइली हमले के कारण हुआ।
इजराइल की सेना ने इसके लिए इस्लामिक जिहाद पर इल्जाम लगाया है और हमास के लिए काम करने वाले कट्टरपंथी फलस्तीनी आतंकी समूह को उत्तरदायी ठहराया है।
सेना ने बोला कि इस्लामिक जिहाद के आतंकियों ने हॉस्पिटल के पास कई रॉकेट दागे और ‘‘कई सूत्रों से मिली खुफिया जानकारी’’ से संकेत मिलता है कि यह संगठन इस घटना के लिए उत्तरदायी है।
पत्रकारों से वार्ता में सेना के मुख्य प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हगारी ने बोला कि सेना को यह पता लगा है कि विस्फोट के समय क्षेत्र में कोई हवाई, जमीनी या नौसैन्य धावा नहीं हुआ।
उन्होंने बोला कि रडार ने विस्फोट के समय दागे गए रॉकेट का पता लगाया और आतंकी समूहों के बीच हुए संचार से संकेत मिलता है कि इस्लामिक जिहाद ने रॉकेट दागे थे।
सैकड़ों फलस्तीनियों ने गाजा सिटी में अल-अहली और अन्य अस्पतालों में शरण ली थी। उन्हें आशा थी कि यहां शरण लेने से वे बमबारी से बच जाएंगे।
अल-शिफा हॉस्पिटल के निदेशक मोहम्मद अबु सेलमिया ने कहा कि एंबुलेंस और निजी कारों में करीब 350 घायलों को अल-अहली से गाजा सिटी के मुख्य हॉस्पिटल अल-शिफा लाया गया, जहां पहले से ही हमले में घायल हुए लोगों की तादाद अधिक है।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अल-अहली हॉस्पिटल में विस्फोट से पहले गाजा पर इजराइल के हमले में कम से कम 2,778 लोगों की मृत्यु हुई है और 9,700 लोग घायल हुए हैं।

