इन अज्ञात हमलावरों ने पाकिस्तानी आतंकवादियों के लिए जीवन को बना चुनौतीपूर्ण
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में ‘अज्ञात हमलावर’ हिंदुस्तान के विरुद्ध आतंकी गतिविधियों से जुड़े व्यक्तियों को लगातार ढेर कर रहे हैं। इन अज्ञात हमलावरों ने पाकिस्तानी आतंकियों के लिए जीवन को चुनौतीपूर्ण बना दिया है, जिनमें कई प्रमुख आतंकवादियों की मर्डर हो चुकी है। ताजा शिकार पाक स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर यूनुस खान है।
आतंकवादी गतिविधियों के लिए मुसलमान युवाओं की भर्ती और प्रशिक्षण के लिए उत्तरदायी यूनुस खान की हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर में गोली मारकर मर्डर कर दी गई है। विशेष रूप से, यह अकेले नवंबर में इस तरह की सातवीं घटना है, और 2023 में कुल 21 भारत-विरोधी आतंकियों का सफाया हो चुका है। यह प्रवृत्ति पाक स्थित आतंकियों के लिए बढ़ती चुनौती को रेखांकित करती है।
विदेशी धरती पर मारे जा रहे हिंदुस्तान विरोधी आतंकवादी :-
बता दें कि, बीते कुछ महीनों में विदेशी सरजमीं पर हिंदुस्तान विरोधी, खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर, अवतार सिंह खांडा, परमजीत पंजवार, रिपुदमन सिंह मलिक, हरविंदर रिंडा, सुखदूल सिंह, हैप्पी संघेड़ा को अज्ञात हमलावरों द्वारा ढेर कर दिया गया है। वहीं, इस्लामी आतंकवादियों में अबू कासिम, जहूर मिस्त्री, अब्दुल सलाम भुट्टावी, सैयद नूर, एजाज अहमद, खालिद रजा, बशीर अहमद, शाहिद लतीफ, मुफ्ती कैसर फारूक, जियाउर रहमान, मलिक दाऊद, सुक्खा दुनिके, ख्वाजा शाहिद, मौलाना तारिक रहीम उल्लाह तारिक भी अज्ञात हमलावरों के हाथों मृत्यु के घाट उतारे जा चुके हैं।
दरअसल, इस समय हिंदुस्तान के बढ़े हुए कद ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है और विदेशी शक्तियां इसकी प्रगति में बाधा डालने का कोशिश कर रही हैं। इन चुनौतियों के बावजूद, घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के प्रति हिंदुस्तान की मजबूत प्रतिक्रिया, खतरों को समाप्त करने के लिए राष्ट्र के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। कड़ी आलोचना करने से जैसे को तैसा की प्रतिक्रिया देने की ओर परिवर्तन हिंदुस्तान की आतंकवाद विरोधी रणनीति में एक नए युग का प्रतीक है।
आतंकवाद के विरुद्ध हिंदुस्तान के दृढ़ रुख का उदाहरण, हिंदुस्तान विरोधी गतिविधियों में शामिल प्रमुख शख़्सियतों का सफाया है, जो अपने हितों की रक्षा के लिए राष्ट्र की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आतंकियों के विरुद्ध रहस्यमय कार्रवाइयां, अंतर्राष्ट्रीय गिरफ्तारियों के साथ मिलकर, प्रधान मंत्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध हिंदुस्तान के विकसित दृष्टिकोण को रेखांकित करती हैं। एक दौर था जब भारत, पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा कश्मीर में किए जा रहे हमलों की कड़ी आलोचना करता था, तरराष्ट्रीय ताकतों से पाक के विरुद्ध कदम उठाने के लिए कहता था। अब पाक स्वयं अपने आप को आतंक पीड़ित बताकर दुनिया के सामने रो रहा है और इल्जाम लगा रहा है कि हिंदुस्तान उसकी जमीन पर लोगों को मार रहा है, हालाँकि, उसके पास इसका कोई सबूत नहीं है।

