कनाडा में हुए हिट एंड रन मामले में दो भारतीय छात्रों को ठहराया गया दोषी
कनाडा के शहर सरे में जनवरी 2024 में हुए हिट एंड रन मुद्दे में दो भारतीय विद्यार्थियों गगनप्रीत सिंह और जगदीप सिंह को गुनेहगार ठहराया गया है. इन दोनों ने 45 वर्षीय जेसन अल्बर्ट ग्रे को अपनी कार से भिड़न्त मारने के बाद करीब 1.3 किलोमीटर तक घसीटा और फिर उसके मृतशरीर को स
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यह घटना 27 जनवरी, 2024 की रात करीब 1:38 बजे हुई, जब जगदीप सिंह के स्वामित्व वाली लाल रंग की फोर्ड मस्टैंग चला रहे गगनप्रीत सिंह ने यूनिवर्सिटी ड्राइव पर एक आदमी को भिड़न्त मार दी. पीड़ित की पहचान जेसन अल्बर्ट ग्रे के रूप में हुई, जो एक पिता और पति है. भिड़न्त के बाद, गगनप्रीत ने कार नहीं रोकी और ग्रे को करीब डेढ़ किलोमीटर तक घसीटा.
घटना के चश्मदीदों ने 911 पर कॉल किया और कहा कि एक आदमी सड़क पर पड़ा था और एक कार ने उसे भिड़न्त मार दी थी. कुछ ही देर बाद, उन्होंने देखा कि वही कार ग्रे को घसीट रही है. गगनप्रीत और जगदीप ने कुछ दूरी पर कार रोकी, ग्रे के मृतशरीर को उतारा और फिर मौके से फरार हो गए.
कानूनी कार्यवाही और सजा
गगनप्रीत सिंह ने 6 जनवरी 2025 को और जगदीप सिंह ने 7 फरवरी 2025 को सरे प्रांतीय कोर्ट में घातक ड्राइविंग, हादसा के बाद रुकने में विफलता और मृतशरीर के साथ छेड़छाड़ के आरोपों को स्वीकार किया. दोनों को 22 मई 2025 को सजा सुनाई गई, जिसमें गगनप्रीत को तीन वर्ष की कारावास और तीन वर्ष का ड्राइविंग प्रतिबंध मिला, जबकि जगदीप को चार वर्ष की कारावास और तीन वर्ष का ड्राइविंग प्रतिबंध मिला.
पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया
जैसन ग्रे की पत्नी ने न्यायालय में अपने बयान में कहा, “उन्होंने मेरे पति के साथ कचरे की तरह व्यवहार किया और उसे सड़क पर फेंक दिया.” उन्होंने यह भी कहा कि ग्रे, जो एक स्वदेशी आदमी थे, को उनकी सांस्कृतिक परंपराओं के मुताबिक आखिरी संस्कार नहीं मिल सका. परिवार ने इस घटना को “अकल्पनीय और क्रूर” बताया.
डिपोर्ट करने की प्रक्रिया
कोर्ट ने साफ किया है कि सजा पूरी होने के बाद डिपोर्ट कर दिया जाएगा. दोनों ही स्टडी वीजा पर कनाडा आए थे. कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी ने दोनों दोषियों के विरुद्ध डिपोर्टेशन की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है, क्योंकि वे अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थी वीजा पर कनाडा में थे.

