ड्रैगन को डरा रहा है हिमालय का ये शांत देश, भूटान ने क्यों ठुकराया चीन को…
Weakest Country in Asia: हिंदुस्तान और चीन के बीच बसा भूटान आकार में छोटा जरूर है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण और खुशहाली के मुद्दे में पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है।मिश्रित राजतंत्र वाले इस राष्ट्र में लोग सादगीपूर्ण और संतुष्ट जीवन जीते हैं। क्राइम रेट बहुत कम है और अधिकतर नागरिक बौद्ध धर्म का पालन करते हैं।

भूटान एक लैंड लॉक्ड राष्ट्र है यानी इसकी अपनी समुद्री सीमा नहीं है।यही कारण है कि इसके पास नौसेना (नेवी) नहीं है।यही नहीं इस राष्ट्र ने अपनी वायु सेना भी नहीं बनाई है।सैन्य ताकत की बात करें तो भूटान के पास सिर्फ़ रॉयल भूटानी आर्मी है, जिसमें करीब सात हजार सैनिक हैं।इनके अतिरिक्त राजपरिवार की सुरक्षा के लिए दो हजार सैनिकों की रॉयल बॉडीगार्ड यूनिट है, जबकि लगभग एक हजार की संख्या में वॉलंटियर मिलिशिया भी उपस्थित है।
भूटान के पास नहीं है एयरफोर्स और नेवी
भूटान की सेना बहुत छोटी और मामूली मानी जाती है।इसके पास न तो भारी टैंक हैं, न ही तोपखाने, फाइटर जेट या उन्नत मिसाइल सिस्टम. सेना के जवान मुख्य रूप से INSAS राइफल्स, AK-47, पिस्टल और मशीन गन जैसे हल्के हथियारों से लैस रहते हैं। हिंदुस्तान की ओर से दिए गए कुछ व्हील्ड आर्मर्ड पर्सनल कैरियर्स जरूर उनके पास हैं, लेकिन सैन्य क्षमता पूरी तरह से रक्षात्मक है आक्रामक नहीं।
खुशहाली से भरपूर है यह देश
चूंकि भूटान के पास अपनी वायु सेना नहीं है, इसलिए वह हवाई रक्षा, मेडिकल इवैक्यूएशन और हेलीकॉप्टर सहायता के लिए पूरी तरह से हिंदुस्तान की ईस्टर्न एयर कमांड पर निर्भर रहता है।भारतीय वायुसेना यहां नियमित हवाई संचालन करके भूटान को योगदान देती है। 2003 के ऑपरेशन ऑल क्लियर में भारतीय हेलीकॉप्टरों ने भूटानी सैनिकों को घायल हालत में निकालकर बड़ी किरदार निभाई थी। कुल मिलाकर, भूटान भले ही एशिया का सबसे कमजोर सैन्य शक्ति वाला राष्ट्र हो, लेकिन खुशहाली, पर्यावरण संरक्षण और सादगीपूर्ण जीवन के कारण यह पूरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान रखता है।

