आखिर क्यों की रोबोट ने आत्महत्या, जानें पूरा मामला…

कर्मचारियों की तरह करता था काम
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, रोबोट एक सिविल सर्वेंट की तरह दक्षिण कोरिया की गुमी सिटी काउंसिल में काम करता था. यह राष्ट्र का पहला रोबोट था जिसे कर्मचारियों की तरह काम पर लगाया गया था. रोबोट लोगों के बहुत करीब था और अन्य कर्मचारी इससे प्यार करते थे, क्योंकि वह उनकी काफी सहायता करता था. इसके कारनामे प्रसिद्ध थे और उसे ‘रोबोट सुपरवाइजर’ के नाम से भी जाना जाता था. अब रोबोट नहीं रहा क्योंकि उसने खुदकुशी कर ली है. अधकारियों ने घटना को लेकर कहा कि रोबोट दो मीटर ऊंची सीढ़ी से नीचे गिरने के बाद वह निष्क्रिय हो गया.
की जा रही है जांच
गुमी सिटी काउंसिल के एक अधिकारी ने बोला कि घटना से पहले उसे रहस्यमय ढंग से रोबोट को एक ही स्थान पर चक्कर लगाते हुए देखा गया था. ऐसा लग रहा था कि जैसे वहां पर कुछ था, लेकिन यह नीचे कैसे गिरा, इसकी जांच की जा रही है. जांच टीम ने टुकड़े एकत्र कर लिए गए हैं और उनका विश्लेषण किया जाएगा. यह रोबोट स्थानीय निवासियों को कई तरह के सरकारी कागज पहुंचाया करता था, लोगों को जानकारियां देता था इसलिए स्थानीय लोग भी इससे जुड़ाव महसूस करते थे. क्षेत्रीय मीडिया ने इस घटना को राष्ट्र में पहली ‘रोबोट आत्महत्या’ कहा है.
लोगों ने पूछे सवाल
सोशल मीडिया पर रोबोट की आत्महत्या को लेकर जैसे ही समाचार फैली तो लोग निराश हो गए. लोग प्रश्न पूछने लगे कि, मेहनती कर्मचारी ने ऐसा क्यों किया? क्या उसे काफी कठिन काम दे दिया गया था. कुछ ने तो यहां तक बोला कि उसकी आत्मा को शांति मिले. कैलिफोर्निया के रोबोट-वेटर स्टार्टअप, बियर रोबोटिक्स ने इस रोबोट को बनाया था. यह रोबोट रोज सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक काम करता था. इसके पास बकायदा सिविल सेवा अधिकारी का कार्ड था. जहां अन्य रोबोट सिर्फ़ एक मंजिल में काम करते हैं, वहीं यह रोबोट किसी भी फ्लोर पर जा सकता था. दक्षिण कोरिया में रोबोट का खूब प्रयोग होता है.

