बेघर बुजुर्गों के लिए कोडरमा प्रशासन द्वारा वृद्धा आश्रम का संचालन किया गया शुरू
कोडरमा।उम्र के अंतिम पड़ाव में बेटा-बेटी एवं परिजनों के द्वारा बेघर किए गए बुजुर्गों के लिए कोडरमा जिला प्रशासन के द्वारा जिले का पहला वृद्धा आश्रम का संचालन प्रारम्भ किया गया है। जिला प्रशासन के द्वारा हजारीबाग की निजी एजेंसी राजीव गांधी मेमोरियल ट्रस्ट के माध्यम से वृद्धाश्रम का संचालन कर रही है।जिसमें 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग महिला, पुरुष को रखा जाता है।वृद्धा आश्रम में आने वाले बुजुर्गों का तिलक लगाकर एवं फूलों का गुलदस्ता देकर पूरे सम्मान के साथ स्वागत किया जाता है।
वृद्धा आश्रम की वार्डन श्वेता सिंह ने लोकल 18 से वार्ता के दौरान कहा कि वृद्धा आश्रम में 30 बेड की सुविधा है जिसमें अभी 14 बुजुर्ग (7 महिला, 7 पुरुष) रह रहे हैं।कमरों में बेड, गद्दा, तकिया, चादर, मच्छरदानी दिए गए हैं।बुजुर्गों की सुविधा के लिए भारतीय और इटालियन टॉयलेट , गीजर, आयरन की प्रबंध की गई है।कपड़े धोने के लिए वाशिंग मशीन की सुविधा वृद्धा आश्रम में मौजूद है।
चिकित्सक और एएनएम की रहती है निगरानी
बुजुर्गों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की देखभाल के लिए वृद्धा आश्रम में एएनएम मौजूद रहती है, वहीं सदर हॉस्पिटल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर नियमित तौर पर वृद्ध जनों के स्वास्थ्य की जांच करते हैं। शुगर और बीपी के रोगियों को मुफ़्त दवाई भी दी जाती है।
खास होता है दिनचर्या
वार्डन ने कहा कि सुबह 6 बजे बुजुर्गों को उठाया जाता है।इसके बाद सभी नित्य क्रिया पूरी करते हैं.7 बजे सभी को चाय और बिस्किट दिया जाता है, 7 से 8 बजे तक योग प्रशिक्षक सुधीर यादव के द्वारा योग कक्ष में आसान योगाभ्यास कराया जाता है, 9 बजे सभी को मेन्यू के मुताबिक नाश्ता दिया जाता है, इसके बाद सभी आपस में बैठकर पुराने पारिवारिक फिल्में देखते हैं, 1 बजे उन्हें भोजन दिया जाता है इसके बाद सभी आराम करते हैं। शाम 4 से 6 बजे तक सभी मिलकर भजन करते हैं। 6 बजे चाय और बिस्कुट दिया जाता है. इसके बाद सभी वृद्धा आश्रम परिसर में टहलते हैं।रात्रि 8 बजे उन्हें भोजन कराने के बाद आराम के लिए भेज दिया जाता है।
असहायवृद्ध जनों की होती है काउंसलिंग
वार्डन ने कहा कि वृद्धा आश्रम में बेड खाली होने पर यदि उन्हें जिले में कहीं पर भी बेघर अथवा निर्बल वृद्ध के रहने की सूचना मिलती है तो उन्हें वृद्धा आश्रम में मौजूद सुविधाओं की जानकारी देते हुए वृद्धा आश्रम में रखने का कोशिश किया जाता है।बुजुर्गों की काउंसलिंग में प्रखंड के पदाधिकारी की भी सहायता ली जाती है।

