बेतला नेशनल पार्क को पर्यटन के लिए फिर से खोला गया
बरवाडीह: झारखंड के बरवाडीह स्थित बेतला नेशनल पार्क को रविवार के दिन एक विशेष कार्यक्रम के बाद पर्यटन के लिए फिर से खोल दिया गया है। मानसून एवं वन्यजीव प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए यह पार्क तीन महीनों से बंद था। इस अवसर पर क्षेत्रीय विद्यार्थी रोहन कुमार ने फीता काटकर उद्घाटन किया। आयोजनों में डिप्टी डायरेक्टर प्रजेशकांत जैना, रेंजर उमेश दुबे, वनपाल, वनरक्षी और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

आमतौर पर बेतला नेशनल पार्क 1 अक्टूबर से 30 जून तक खुला रहता है और 1 जुलाई से 30 सितंबर तक बंद रखा जाता है। इस वर्ष भी मानसून एवं पशुओं के प्रजनन काल को देखते हुए पार्क को बंद किया गया था। लेकिन अब मौसम अनुकूल हो गया है इसलिए इसे विधि-विधान एवं पूजा-अर्चना के बाद फिर से खोल दिया गया है।
सफारी का समय एवं संचालन नियम
वहीं, सफारी के समय का बाक करें तो पार्क में सुबह 6:00 बजे से 10:00 बजे तक और दोपहर 2:00 बजे से 5:00 बजे तक जंगल सफारी चलेगी। पार्क प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि सिर्फ़ ओपन हुड (छत खोलने वाली) गाड़ियां ही प्रयोग होंगी। प्राइवेट गाड़ियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। सफारी के लिए कुल 27 गाड़ियां मौजूद कराई गई हैं।
जानिए दर और शुल्क संरचना
उद्घाटन के दौरान नया शुल्क भी निर्धारित किया गया है। एक गाड़ी में एक साथ 6 लोग और 2 बच्चे यात्रा कर सकेंगे। जिसका दर 2450 रुपए निर्धारित किया गया है। यहां बाहरी गाड़ी के एंट्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। सिर्फ़ ओपन हुड वाली गाड़ी से ही जंगल सफारी कर सकेंगे। यदि सिर्फ़ एक आदमी सफारी करना चाहे तो वही गाड़ी उस आदमी के मुताबिक दौड़ाई जाएगी। इसमें दर गाइड शुल्क 300 रुपए परिचालन शुल्क (operational) 50 रुपए, रेवेन्यू एवं मेंटेनेंस शुल्क 1000 रुपए होगा। इसके साथ 1100 रुपए गाड़ी के तो कुल मिलाकर आपको 2450 रुपए की रशीद कटवानी होगी। ये दरें संयोजित की गई हैं ताकि पार्क संचालन लागत और सुविधा दोनों का ध्यान रखा जा सके।
वन्यजीव और अनुभव
वहीं, डिप्टी डायरेक्टर जैना ने कहा कि अब सैलानी हाथी, हिरण, भालू और दुर्लभ पक्षियों को नजजदीक से देख सकेंगे। जंगल का हर कोना घने वृक्ष, नदियां, चट्टानें, उत्कृष्ट वन्य अनुभव देने के लिए तैयार हैं। इसके साथ प्रकृति को बहुत करीब से देखने का मौका मिलेगा।

