झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती नियमों में किया बदलाव
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक बीते गुरुवार को संपन्न हुई। बैठक में उत्पाद सिपाही की दौड़ में संशोधन करने समेत कुल 31 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है। संशोधित नियमों के अनुसार अब अभ्यर्थियों को उत्पाद सिपाही बहाली की दौड़ में 10 किलोमीटर नहीं दौड़ना होगा। इसके बजाय उन्हें 1600 मीटर की दौड़ 6 मिनट में पूरी करनी होगी।

क्या कहता है नया नियम
झारखंड में उत्पाद सिपाही नियुक्ति नियमावली को संशोधित कर दिया गया है। नयी नियमावली में 10 किलोमीटर की दौड़ से मुक्ति मिल गई है। इन्हें केवल एक मील (1.6 किमी) की दौड़ लगानी होगी। यह नियमावली आरक्षी, कक्षपाल एवं गृह रक्षकों के लिए भी कारगर होगी। नयी नियमावली में मर्दों को यह दूरी छह मिनट में पूरी करनी होगी तो स्त्रियों के लिए 10 मिनट का समय दिया गया है।
इसलिए लिया गया निर्णय
पिछले दिनों उत्पाद सिपाही भर्ती के क्रम में दौड़ लगाने वाले युवाओं में से 15 की मृत्यु हो जाने के बाद सीएम के निर्देश पर नियमावली बदलने का फैसला लिया गया था। नयी नियमावली में दौड़ के लिए दूरी को कम कर दिया गया है तो समय भी इसी के अनुरूप है। गृह विभाग के नए प्रस्ताव को कैबिनेट से स्वीकृति मिल गई है।
इन फैसलों पर भी मुहर
झारखंड में सेविका सहायिका चयन नियमावली और चिकित्सा महाविद्यालय में तीन सालों के जरूरी सेवा नियमावली में भी परिवर्तन किया गया है। वहीं, पीडीएस दुकानों में ई-पोश मशीनों के लिए कंपनी का विस्तार किया गया है। साथ ही साथ आंधी, तूफान और लू को भी आपदा में शामिल करने का फैसला लिया गया है। ओरमांझी के बिरसा मुंडा जैविक उद्यान में भगवान बिरसा की 9 फीट मूर्ति लगाने के फैसला को स्वीकृति मिल गयी है। इसमें कुल 25 लाख रुपये खर्च किया जाएंगे। एल ख्यांगते को JPSC का अध्यक्ष बनाने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल चुकी है।

