जबलपुर के रांझी इंजीनियरिंग कॉलेज में इंटरनेशनल तर्ज पर जारी है निर्माण
जबलपुर के रांझी इंजीनियरिंग कॉलेज में इंटरनेशनल तर्ज पर तीरंदाजी एरिना बनाया गया है। जहां सैकड़ों दर्शक बैठकर पवेलियन में गेम्स का लुफ्त उठा सकेंगे। इतना ही नहीं खेल परिसर को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर तैयार किया गया है। जहां अब स्पर्धाएं हो सकेंगी।

दरअसल, जबलपुर के रांझी स्थित जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में करीब 13 एकड़ क्षेत्र में खेल परिसर तैयार किया गया है। जहां 400 मी का 8 लाइन सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक बनाया गया है। इसके निर्माण में करीब 7 करोड रुपए खर्च किए गए हैं। इस सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक को चैन लिंक फेंसिंग से कर किया गया है और पाथवे भी बनाया गया है। जहां फुटबॉल की प्रतियोगिता भी सरलता से आयोजित की जा सकेगी।
दादा ईश्वर दास रोहाणी होगा स्टेडियम का नाम
विधायक अशोक रोहाणी ने कहा सीएम मोहन यादव ने स्टेडियम का नाम दादा ईश्वर दास रोहाणी स्टेडियम के नाम पर करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा खेल परिसर में भव्य तीरंदाजी अकादमी भी बनाई गई है। जहां 6 हजार 250 वर्ग मीटर क्षेत्र में तीरंदाजी एरीना भी बनाया गया है। जहां 50 और 70 मीटर की तीरंदाजी की स्पर्धाएं हो सकेंगी। इसके अतिरिक्त अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं के साथ-साथ खिलाड़ियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान दिया गया है।
3 फ्लोर का बनाया गया है टेक्निकल भवन
स्टेडियम में 20 करोड़ से टेक्निकल भवन, हॉस्टल भवन और हजारों दर्शकों के लिए गैलरी के लिए पवेलियन बनाया गया है। जबकि करीब 2 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में तीन मंजिला टेक्निकल भवन में प्लेयर रूम, फिजियो रूम, मीटिंग हॉल क्लास रूम, जिम, लाइब्रेरी और ऑफिस जैसी सुविधाएं होगी। इतना नहीं प्लेयरों को सोने के लिए बकायदा प्रबंध होगी।
एक करोड रुपए फर्नीचर में किए गए खर्च
उन्होंने कहा खेल परिसर में लगभग एक करोड रुपए के फर्नीचर की प्रबंध की गई है। जिसमें ऑफिस के लिए टेबल कुर्सियां, सोफा और हॉस्टल भवन के लिए बेड, अलमारी सहित कई चीजे शामिल हैं। जबकि ढाई करोड़ रुपए से जिम के उपकरण लगाए गए हैं। स्टेडियम को सीसीटीवी कैमरे और स्ट्रीट लाइट से भी लैस किया गया है। जहां नाइट में भी मैच हो सकेंगे।

