डिप्टी कमांडेंट विक्रांत कुमार ने खतरनाक ऑपरेशन को अंजाम देते हुए नक्सलियों को चटाई धूल
CRPF DC Vikrant, Shaurya Chakra: यह कहानी है डिप्टी कमांडेंट विक्रांत कुमार की, जिन्होंने एक बहुत घातक ऑपनेशन में उग्रवादियों को घुटने टेकने को विवश कर दिया। इतना ही नहीं, करीब पांच नक्सलियों को मार गिराया। दरअसल, यह मुद्दा 2 अप्रैल 2023 का है। एक इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर 203 कोबरा के कमांडेंट और चतरा के पुलिस अधीक्षक ने झारखंड के चतरा जिले में उग्रवादियों के विरुद्ध एक बड़े ऑपरेशन का प्लान तैयार किया। यह ऑपरेशन इतना घातक था कि हर कदम पर मृत्यु का साया मंडरा रहा था।

नक्सलियों की मौजूदगी की ताजा जानकारी मिलने के बाद डिप्टी कमांडेंट विक्रांत कुमार ने बिना समय गंवाए अपनी रणनीति तैयार की। शाम 5 बजे लवालोंग के सीआरपीएफ कैंप से दो स्ट्राइक टीम रवाना हुईं। पहली टीम का प्रतिनिधित्व असिस्टेंट कमांडेंट परितोष कुमार द्विवेदी कर रहे थे, जबकि दूसरा टीम की बागडोर डिप्टी कमांडेंट विक्रांत के हाथ में थी। 3 अप्रैल की सुबह जैसे ही नौडिहा में उग्रवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिली, डिप्टी कमांडेट विक्रांत ने अपनी टीम के साथ मौके की तरफ बढ़ गए।
यह एक ऐसा मौका था, जहां एक गलत निर्णय भारी पड़ सकता था। उग्रवादियों ने पहले से ही मजबूत ठिकानों पर कब्जा जमा रखा था। उनके पास ऑटोमैटिक मॉर्डन हथियारों का जखीरा था। नक्सलियों ने सीआरपीएफ की टीम को निशाना बनाने के लिए स्थान स्थान बारूदी सुरंगे (आईईडी) बिछा रखी थी। जैसे ही सीआरपीएफ की टीमें उनके करीब पहुंचीं, उग्रवादियों ने अचानक भारी गोलीबारी प्रारम्भ कर दी। चारों ओर गोलियों की तड़तड़ाहट होने लगी।
लेकिन डिप्टी कमांडेट विक्रांत ने हौसला नहीं हारी। उन्होंने न सिर्फ़ अपनी टीम को प्रेरित किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर नक्सलियों से मोर्चा लेना प्रारम्भ कर दिया। उनकी प्रतिनिधित्व में टीम ने ‘फायर-एंड-मूव’ तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसमें सीआरपीएफ के कोबरा कमांडो एक साथ गोलीबारी करते हुए आगे बढ़ रहे थे। यह तकनीक इतनी घातक थी कि इसमें एक पल की चूक भी जानलेवा हो सकती थी। लेकिन डिप्टी कमांडेट विक्रांत की चाल इतनी परफेक्ट थी कि उनकी टीम उग्रवादियों पर दबाव बनाए में सफल रही।
वही, दूसरी ओर एसी परितोष द्विवेदी की टीम ने दाहिनी ओर से उग्रवादियों के भागने के रास्ते बंद कर दिए। यह एक ऐसा जाल था, जिसमें उग्रवादी फंस गए। लगभग 45-50 मिनट तक चली इस भयंकर एनकाउंटर में विक्रांत और उनकी टीम ने पांच शीर्ष उग्रवादियों को ढेर कर दिया। उग्रवादियों के पास से एके-सीरीज और आधुनिक इंसास राइफलों सहित हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया। इतना ही नहीं, एक घायल उग्रवादी लीडर को भी अरैस्ट किया गया। यह ऑपरेशन नक्सल ऑपरेशन के विरुद्ध एक बड़ी जीत थी।

