क्या सच में कुछ महत्व रखते हैं गुलाम अहमद के बयान…
रांची : झारखंड विधानसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा कुछ ही दिनों में होने वाली है। वहीं इससे पहले झारखंड में राजनीतिक पारा पूरी तरह से तेज हो गया है। झारखंड में सत्ता पक्ष और विपक्ष के दावों और तकरार के बीच अब गठबंधन के अंदर भी अपनी मांगों को लेकर खिंचतान प्रारम्भ हो गयी है। दरअसल झारखंड कांग्रेस पार्टी प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने झारखंड में रोटेशन पर मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर राजनीतिक गलियारे में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। वहीं अब गुलाम अहमद मीर ने रोटेशन वाले बयान पर न्यूज़ 18 से खास वार्ता करते हुए बोला है कि कार्यकर्ताओं को टारगेट देना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बोला कि कार्यकर्ताओं को 25 से 30 विधानसभा सीटों को जीतने का टारगेट दिया गया है।

गुलाम अहमद मीर ने बोला कि अधिक सीटें जीतने पर ही स्थिति मजबूत रहती है। पार्टी के मजबूत रहने पर कार्यकर्ताओं की उम्मीदें भी पूरी होती है। संथाल में घुसपैठ की बातें महज राजनीतिक चर्चा है। उसमें कुछ भी नहीं है। पिछले 10 वर्षों से भाजपा की ही केंद्र में गवर्नमेंट है। गाय, बकरी जानवर भी सीमा पार करते हैं तो उसकी सूचना आती है। झारखंड चुनाव में टिकट की उम्मीदवारी पर कांग्रेस पार्टी प्रभारी ने बोला कि जो जनता को प्यारा, वही पार्टी को भी प्यारा है। वहीं गुलाम अहमद मीर ने कश्मीर चुनाव पर बोला कि इस बार परिवर्तन की बयार बह रही है। भाजपा कमजोर हो रही है। झारखंड चुनाव 2019 में कांग्रेस पार्टी ने जिन 17 सीटों पर जीत हासिल की थ। फिलहाल गठबंधन में कांग्रेस पार्टी कोटे के चार मंत्री शामिल हैं।
इस बयान से मच गयी खलबली
झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानों पर घमासान तो जारी है। लेकिन, इसके ठीक उलट गठबंधन के अंदर भी बयानों के जरिए प्रेशर पॉलिटिक्स और माइलेज लेने की पूरी तैयारी है। INDIA गठबंधन के अंदर झामुमो और कांग्रेस पार्टी भी लगातार कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने में जुटे हैं। लेकिन, कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने के दौरान अब बड़े नेताओं का बयान गठबंधन धर्म के आगे जा रहा है। झारखंड विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बाद पहली बार कांग्रेस पार्टी की ओर से सबसे बड़ा बयान आया है। दरअसल कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने सोमवार को रांची में पार्टी के संवाद कार्यक्रम में 35 -40 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही थी। उन्होंने मंच से यह भी कह दिया था कि यदि कांग्रेस पार्टी 25-30 सीट जीत जाती हैं तो अगला सीएम रोटेशन के अनुसार कांग्रेस पार्टी का होगा।
गुलाम अमहद मीर ने समझाया था फॉर्मूला
गुलाम अहमद मीर ने बोला था कि झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी इस बार अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। पार्टी ने अपनी तैयारियां भी प्रारम्भ कर दी हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस पार्टी को गठबंधन में 31 सीटें मिली थीं, जिनमें से 17 पर जीत हासिल हुई थी। इस बार कांग्रेस पार्टी की नजर कुछ और सीटों पर है। इसके लिए पार्टी ने अभी से माहौल बनाना प्रारम्भ कर दिया है। झारखंड कांग्रेस पार्टी प्रभारी ने बोला कि यदि आप गठबंधन के अनुसार चुनाव लड़ते हैं और महज 10 से 12 सीटों पर सिमट जाते हैं तब ऐसे में कोई भी आपको मुख्यमंत्री नहीं बनाएगा। उन्होंने बोला था कि आप कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए बोला कि आप 25 से 30 सीटें लाकर दिखाएं तब रोटेशन के अनुसार कांग्रेस पार्टी का मुख्यमंत्री जरूर बनेगा और कार्यकर्ताओं के काम अधिक तेजी से होंगे।

