झारखंड में पहली बार विधानसभा का चुनाव होगा दो चरणों में…
झारखंड विधानसभा चुनाव दो चरण में होंगे. 13 नवंबर को पहले फेज की वोटिंग होगी, जिसमें 43 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. दूसरे फेज की वोटिंग 20 नवंबर को होगी, जिसमें 38 सीट पर वोट डाले जाएंगे. 23 नवंबर को काउंटिंग होगी और नतीजे आएंगे.
राज्य गठन के बाद झारखंड में पहली बार विधानसभा का चुनाव दो चरण में हो रहा है. राज्य गठन के बाद अबतक चार बार विधानसभा चुनाव हुए हैं. इनमें तीन बार पांच चरण में और एक बार तीन चरण में वोट डाले गए थे. इस बार दो चरण में ही 81 विधानसभा सीटों पर मतदान होने से क्या अतिरिक्त असर पड़ेंगे,
राज्य गठन के बाद साल 2005 में पहला विधानसभा चुनाव तीन चरण में हुआ था. उसके बाद से साल 2009, 2014 और 2019 में हुए विधानसभा चुनाव 5 चरणों में हुए थे. 2014 और 2019 में पांच चरणों में चुनाव के बाद बीजेपी और झामुमो गठबंधन की बहुमत की गवर्नमेंट बनी थी. साल 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में त्रिशंकु विधानसभा बनी थी. जिसके बाद पहली बार झामुमो और बीजेपी ने मिलकर गवर्नमेंट बनाई थी.
राज्य बनने के बाद साल 2004 में पहली बार विधानसभा चुनाव हुआ था. इसमें 57.03% मतदान हुआ था, जो उसे कुछ माह पहले हुए लोकसभा चुनाव से 1.34 प्रतिशत अधिक था. मोटे तौर पर लोकसभा चुनाव की तुलना में विधानसभा चुनाव में मतदान फीसदी अधिक होता रहा है.
केवल 2014 और 2019 के चुनाव में मतदान फीसदी 63 से अधिक था. इन दोनों चुनावों में पूर्ण बहुमत की गवर्नमेंट बनी थी.2004 के लोकसभा चुनाव में 55.69% मतदान हुआ था. 2019 के लोकसभा चुनाव में सर्वाधिक 66.80 फीसदी वोट पड़े थे. दो चरण में कराए जा रहे चुनाव का एक कारण यह भी हो सकता है कि राज्य में उग्रवादी घटनाएं कम होने से सुरक्षा अब बड़ा प्रश्न नहीं रह गया है.
झारखंड विधानसभा चुनाव दो चरण में होंगे. दिल्ली में निर्वाचन आयोग ने पीसी कर इसका घोषणा कर दिया है. 13 नवंबर को पहले फेज की वोटिंग होगी, जिसमें 43 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. दूसरे फेज की वोटिंग 20 नवंबर को होगी, जिसमें 38 सीट पर वोट डाले जाएंगे. 23 नवंबर को काउंटिंग होगी और नतीजे आएंगे.चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है. झारखंड विधानसभा की 81 सीटों पर वोटिंग होगी. इनमें से 44 सीट जनरल, 28 एसटी और 9 एससी हैं.

