इन 4 विधानसभा चुनावों में किसी भी पार्टी के नेता लगातार 2 बार नहीं चुने गये है विधायक
Garhwa Vidhan Sabha|Jharkhand Assembly Elections: झारखंड का गढ़वा विधानसभा क्षेत्र गढ़वा जिले में आता है। इस विधानसभा क्षेत्र की खासियत यह है कि अब तक के चुनावों में हर बार मतदाताओं ने अलग पार्टी के उम्मीदवार को अपना विधायक चुना है। यह बोलना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि गढ़वा के वोटर ने हर बार अलग पार्टी के उम्मीदवार को क्षेत्र की सेवा करने का मौका दिया है।
अलग झारखंड राज्य बनने के बाद अब तक 4 बार झारखंड विधानसभा चुनाव हुए हैं। इन 4 विधानसभा चुनावों में किसी भी पार्टी के नेता को लगातार 2 बार विधायक नहीं चुना गया। सत्येंद्रनाथ तिवारी लगातार 2 बार जीते, लेकिन दोनों बार वह भिन्न-भिन्न पार्टी के टिकट पर चुनकर झारखंड विधानसभा पहुंचे। इस सीट से एक बार राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), एक बार झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी), एक बार बीजेपी (बीजेपी) और एक बार झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के उम्मीदवार जीत दर्ज कर चुके हैं।
2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में इस सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अपना झंडा लहराया था। इस चुनाव में झामुमो की ओर से मिथिलेश कुमार ठाकुर चुनाव मैदान में थे। उनको कुल 1 लाख 6 हजार 681 वोट मिले थे। वहीं, बीजेपी (बीजेपी) इस चुनाव में सबसे अधिक वोट पाने वाली दूसरे नंबर की पार्टी थी। भाजपा के सत्येंद्र नाथ तिवारी को इस चुनाव में 83,159 वोट मिले थे। साथ ही, बसपा (बीएसपी) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे बीरेंद्र प्रसाद तीसरे जगह पर थे। उनको इस चुनाव में कुल 10,638 वोट मिले थे।
वर्ष 2014 के झारखंड विधानसभा चुनाव में गढ़वा निर्वाचन क्षेत्र से कुल 23 उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे थे। इसमें एक स्त्री भी थी। चुनाव में भाजपा पर लोगों ने अपना भरोसा जताया और सत्येंद्र नाथ तिवारी को एक बार फिर अपना विधायक चुना। उन्हें 75,196 वोट मिले। आरजेडी दूसरे नंबर पर रही। उसके उम्मीदवार गिरिनाथ सिंह को कुल 53,441 वोट मिले थे। झामुमो के मिथिलेश कुमार ठाकुर तीसरे नंबर पर रहे थे। उनको कुल 47,579 वोट मिले थे।
वर्ष 2009 के झारखंड विधानसभा चुनाव में गढ़वा निर्वाचन क्षेत्र में एक स्त्री समेत 26 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। इस चुनाव में बाबूलाल मरांडी की पार्टी झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) ने सत्येंद्र नाथ तिवारी को अपना प्रत्याशी बनाया था। सत्येंद्र नाथ तिवारी को सबसे अधिक 50,474 वोट मिले। वह पहली बार गढ़वा के विधायक चुने गए। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले दिग्गज नेता गिरिनाथ सिंह चुनाव हार गए। उन्हें 40,412 वोट मिले। तीसरे नंबर पर झामुमो के मिथिलेश कुमार ठाकुर रहे थे। इस चुनाव में उनको मात्र 14,180 वोट ही मिल पाए थे।
वर्ष 2005 के झारखंड विधानसभा चुनाव में गढ़वा विधानसभा सीट पर 21 उम्मीदवार चुनाव के मैदान में थे। लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी ने यहां जीत का परचम लहराया था। गिरिनाथ सिंह को 34,374 वोट मिले थे। नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) दूसरे नंबर पर रही थी। जेडीयू के उम्मीदवार सेराज अहमद अंसारी को 25,841 वोट मिले थे। बहन मायावती की पार्टी बसपा (बीएसपी) के अनिल साव 18225 वोट के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे।
झारखंड विधानसभा चुनाव कब होगा
झारखंड विधानसभा चुनाव साल 2024 के अंत में होगा। अक्टूबर में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हो जाएगी। आशा की जा रही है कि साल 2019 की तरह ही इस बार भी नवंबर-दिसंबर में झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 कराए जाएंगे।
झारखंड विधानसभा के चुनाव कैसे होंगे
झारखंड में विधानसभा के चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे। सभी मतदान केंद्रों पर वीवीपैट मशीनें भी लगाई जाएंगी। इसके लिए निर्वाचन आयोग पर्याप्त संख्या में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वीवीपैट के व्यवस्था करती है।
झारखंड विधानसभा चुनाव की अधिसूचना कब जारी हुई
झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण की अधिसूचना 6 नवंबर 2019 को जारी हुई थी। दूसरे चरण की अधिसूचना 11 नवंबर, तीसरे चरण की अधिसूचना 16 नवंबर, चौथे चरण की अधिसूचना 22 नवंबर और पांचवें एवं आखिरी चरण की अधिसूचना 26 नवंबर 2019 को जारी की गई थी।
झारखंड विधानसभा चुनाव कब है
झारखंड विधानसभा चुनाव इसी वर्ष होंगे। 5 जनवरी 2025 तक विधानसभा का कार्यकाल है। इसलिए इसके पहले झारखंड में इलेक्शन हो जाएगा। अक्टूबर में चुनाव की तारीखों की घोषणा हो सकती है, ऐसा संकेत झारखंड के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रवि कुमार दे चुके हैं। नवंबर और दिसंबर में झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 हो जाने की आशा है।

