झारखंड: विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा के लिए (एसओपी) का मसौदा HC के समक्ष किया पेश

राज्य गवर्नमेंट ने न्यायालय में कहा कि राज्य में आने वाले विदेश पर्यटकों को दो हेल्पलाइन नंबरों और ऐप के माध्यम से पुलिस सहित अन्य सहायता मौजूद होगी. राज्य गवर्नमेंट की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि विदेशी पर्यटकों को राज्य में प्रवेश करते समय पहली पुलिस चौकी पर अपनी जानकारी देनी होगी. इस जानकारी को नज़र के लिए केंद्रीकृत डेटाबेस में भी दर्ज किया जाएगा. पर्यटकों को उन स्थानों के लिए निर्देश दिए जाएंगे, जहां वे जाना चाहते हैं. उन्होंने साफ किया कि यह सेवा विदेशी पर्टयकों के साथ-साथ अन्य पर्यटकों के लिए भी मौजूद होगी.
पढ़िए, पीड़िता ने पुलिस को क्या बताई आपबीती
झारखंड के दुमका में पिछले माह अपने पति के साथ आई एक स्पेनिश स्त्री के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसके बाद से प्रशासन पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर सावधान हो गई है. पीड़िता ने एफआईआर में कहा कि वह अपने पति के साथ बाइक पर दुनिया घूमने निकलीं हैं. वे दोनों अपनी मोटरबाइक पर कोलकाता से एक मार्च को नेपाल के लिए निकले थे. दुमका में कुरमाहाट के पास हम पहुंचे ही थे कि अंधेरा होना प्रारम्भ हो गया था तो हमने वहीं रुकने का निर्णय किया. हमने सड़क से एक किलोमीटर दूर टेंट लगाया. शाम सात बजे हमने कुछ आवाज सुनी, जिसके बाद वे अपने पति के साथ टेंट से बाहर आईं. वहां दो लोग बात कर रहे थे. थोड़ी देर में ही वहां सात लोग आ गए. पीड़िता के अनुसार, उन लोगों ने उसके पति से झगड़ा प्रारम्भ कर दिया और फिर टेंट में घुसकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया. पीड़िता ने कहा कि आरोपी उनसे 300 डॉलर, 11 हजार रुपये और एक डायमंड रिंग आदि भी लूटकर ले गए. पीड़िता का बोलना है कि आरोपियों में एक करीब 30 वर्ष का और अन्य 20-22 वर्ष के थे. पीड़िता ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा था कि ‘मुझे लगा था कि वे लोग मुझे मार डालेंगे, लेकिन ईश्वर की कृपा से मैं जीवित हूं.‘

