Jharkhand Illegal Coal Mine: रामगढ़ में अवैध कोयला खदान ने निगल लिए 4 लोगों के प्राण
झारखंड के रामगढ़ जिले के कुज्जू ओपी क्षेत्र भीतर सीसीएल कर्मा परियोजना के महुआ टुंगरी के पास एक गैरकानूनी कोयला खदान में शनिवार सुबह बड़ा दुर्घटना हो गया। सुबह करीब 6 बजे खदान का चाल धंस गया, जिसमें चार ग्रामीणों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि चार से अधिक लोग घायल हो गए हैं। इनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के समय सभी ग्रामीण खदान में गैरकानूनी रूप से कोयला निकालने के लिए घुसे हुए थे।

मृतकों की पहचान इम्तियाज़, रामेश्वर मांझी, वकील करमाली और निर्मल मुंडा के रूप में हुई है। घायल व्यक्तियों में दो महिलाएं और एक 17 वर्षीय किशोर भी शामिल हैं। सभी घायलों का उपचार एक निजी हॉस्पिटल में जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के योगदान से खदान में दबे शवों को बाहर निकाला गया। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल है। ग्रामीणों ने शवों को सीसीएल कर्मा परियोजना कार्यालय के सामने रख कर मुआवजे और आश्रितों को जॉब देने की मांग को लेकर प्रदर्शन प्रारम्भ कर दिया है।
सीसीएल पर ढिलाई का आरोप
ग्रामीणों का इल्जाम है कि सीसीएल की गंभीर ढिलाई के चलते यह दुर्घटना हुआ। उन्होंने कहा कि खुली खदान की बाउंड्री वॉल या किसी प्रकार की घेराबंदी नहीं की गई थी, जिससे लोग सरलता से खदान में प्रवेश कर पा रहे थे। ग्रामीणों ने डीजीएमएस (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी) के नियमों के उल्लंघन का भी इल्जाम लगाया है।
इस घटना को लेकर सीसीएल प्रबंधन और प्रशासन फिलहाल खामोशी साधे हुए है। कोई भी अधिकारी अधिकृत तौर पर बयान देने को तैयार नहीं है। क्षेत्रीय लोग इस हादसे को प्रशासन और सीसीएल की संयुक्त ढिलाई का नतीजा बता रहे हैं। वहीं प्रशासन द्वारा मुद्दे की जांच प्रारम्भ कर दी गई है और मुआवजे को लेकर विचार किया जा रहा है।

