झारखण्ड

झारखंड में एनडीए के प्रत्याशी सभी 14 सीटों पर जुटे प्रचार अभियान में…

रांची:  एकजुटता के अनेक दावों के बावजूद झारखंड में विपक्षी गठबंधन इण्डिया के घटक दलों के “सुर-ताल” आपस में मिल नहीं पा रहे हैं. कहीं सीट को लेकर पार्टियों की जिद तो कहीं बागियों के तेवर की वजह से गठबंधन के साझे चूल्हे की “खिचड़ी” का जायका बिगड़ता दिख रहा है. चुनाव की घोषणा के 20 दिन बाद भी राज्य की 14 में से सात सीटों पर उम्मीदवारी को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो पाई है, जबकि दूसरी तरफ एनडीए के प्रत्याशी सभी 14 सीटों पर प्रचार अभियान में जुटे हैं.Newsexpress24. Com india tv hindi download 11zon 2024 04 06t161323. 456

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CPI और CPM ने अलग की राह

आलम यह कि गठबंधन में शामिल रहीं दो वामपंथी पार्टी — CPI और CPM ने अपनी राह अलग कर ली है. सीपीआई ने चार सीटों — चतरा, लोहरदगा, पलामू और दुमका में अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं. हजारीबाग सीट पर भी वह अपना उम्मीदवार दे सकती है. CPI के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद कुमार पांडेय ने कहा, “पहले हमारी पार्टी इण्डिया गठबंधन का हिस्सा थी, लेकिन अब हम स्वतंत्र रूप से झारखंड के चुनाव मैदान में हैं. अभी चार सीटों पर हमारे प्रत्याशियों के नाम घोषित हो चुके हैं. हमने गठबंधन के अनुसार केवल एक सीट हजारीबाग देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उन्होंने इसे नहीं माना.

इधर CPM के झारखंड प्रदेश राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने बोला कि उनकी पार्टी राजमहल और चतरा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेगी. चतरा सीट पर राजद और कांग्रेस पार्टी के बीच जबरदस्त जिच है. यहां दोनों पार्टियां अपने प्रत्याशी उतारने पर अड़ी हैं. 2019 में भी महागठबंधन में यही स्थिति बनी थी और दोनों के प्रत्याशी एक साथ मैदान में उतर आए थे. अंततः दोनों को शिकस्त खानी पड़ी.

लोहरदगा सीट पर JMM का दावा

लोहरदगा सीट पर कांग्रेस पार्टी ने पूर्व विधायक सुखदेव भगत को प्रत्याशी बनाया है, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा अब भी इसपर दावा कर रहा है. झामुमो के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कांग्रेस पार्टी से बोला है कि वह इस सीट पर पुनर्विचार करे. यहां झामुमो उससे अधिक मजबूत स्थिति में है.

दरअसल, पार्टी यहां विशुनपुर से अपने विधायक चमरा लिंडा को प्रत्याशी बनाना चाहती है. कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रत्याशी उतारे जाने के बाद वह बगावती मूड में हैं. शुक्रवार को उन्होंने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित पार्टी के विधायकों-सांसदों की बैठक से भी दूरी बना ली. वह स्वतंत्र रूप से मैदान में उतरने का मूड बना चुके हैं.

इसी तरह राजमहल सीट को लेकर विधायक लोबिन हेंब्रम बगावत पर उतर चुके हैं. झामुमो यहां मौजूदा सांसद विजय हांसदा को फिर से प्रत्याशी बनाने का मन बना चुका है तो दूसरी तरफ लोबिन हेंब्रम पार्टी टिकट की परवाह छोड़ अपने बूते मैदान में उतरने को तैयार हैं.

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