रांची में धारा-144 के तहत निषेधाज्ञा लागू
144 Imposed in Ranchi|रांची में प्रशासन ने धारा-144 के अनुसार निषेधाज्ञा लगा दी है। इसका आदेश भी जारी कर दिया गया है। शुक्रवार (17 मई) को प्रशासन की ओर से इस संबंध में जानकारी दी गई है।

4 जून 2024 की रात 11 बजे तक रांची में जारी रहेगी निषेधाज्ञा
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि रांची लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के रांची सदर अनुमंडल क्षेत्र में निषेधाज्ञा जारी रहेगी। अनुमंडल दंडाधिकारी ने निषेधाज्ञा का आदेश जारी किया है। यह आदेश 4 जून 2024 की रात 11 बजे तक कारगर रहेगा। इस दौरान कई चीजों पर रोक रहेगी।
शांति एवं विधि प्रबंध भंग होने की संभावना की वजह से निषेधाज्ञा
रांची जिला प्रशासन की ओर से बोला गया है कि चुनाव के दौरान सियासी दलों एवं प्रत्याशियों की ओर से जनसभा और जुलूस के आयोजन किए जाते हैं। जनसभा एवं जुलूस में सभी दलों के नेता और कार्यकर्ता अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हैं। इससे शांति प्रबंध और विधि प्रबंध भंग होने की संभावना बनी रहती है।
16 मार्च को चुनाव की घोषणा के साथ ही लागू हुई थी निषेधाज्ञा
इतना ही नहीं, चुनाव के दौरान कई बार मतदाताओं को डराने, धमकाने, जातीय, सांप्रदायिक एवं धार्मिक विद्वेष की भावना फैलाने के लिए अवांछित एवं असामाजिक तत्व भी एक्टिव हो जाते हैं। झारखंड की राजधानी में कानून-व्यवस्था की परेशानी उत्पन्न न हो, इसलिए 16 मार्च को चुनाव की घोषणा के साथ ही धारा-144 के अनुसार निषेधाज्ञा लागू कर दी गई थी।
अनुमंडल दंडाधिकारी रांची सदर ने जारी किया नया आदेश
शुक्रवार (17 मई) को इसकी अवधि खत्म होने के बाद अनुमंडल दंडाधिकारी सदर ने इस संबंध में नया आदेश जारी किया है, ताकि रांची लोकसभा क्षेत्र में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान कराए जा सकें। यह आदेश तुरन्त असर से लागू हो गया है और 4 जून 2024 की रात 11 बजे तक लागू रहेगा।
निषेधाज्ञा में क्या कर सकेंगे और क्या नहीं?
- कोई व्यक्ति, संगठन या सियासी दल या उसके उम्मीदवार बिना सक्षण पदाधिकारी की अनुमति के सभा, जुलूस, धरना आदि नहीं कर सकेंगे। जुलूस धारदार हथियार लेकर चलना प्रतिबंधित है।
- रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक The Jharkhand Control of the Use and Play of Loudspeakers Act, 1955 के अनुसार ध्वनि विस्तारक यंत्र के प्रयोग पर रोक है।
- किसी सार्वजनिक संपत्ति पर नारा लिखने, पोस्टर/पैम्पलेट चिपकाने, पार्टी विशेष का झंडा लगाने, सार्वजनिक सड़कों पर बैनर लगाने, होर्डिंग एवं तोरण द्वार लगाने पर प्रतिबंध रहेगा। उल्लंघन करने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध Prevention of Defacement of Property Act-1987 के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- किसी भी पर्सनल संपत्ति पर संपत्ति के मालिक बिना लिखित अनुमति के नारा लिखना, पोस्टर, पैम्पलेट चिपकाना, पार्टी विशेष का झंडा लगाना तथा होर्डिंग लगाना प्रतिबंधित है।
- शांति भंग करने के उद्देश्य से 5 या उससे अधिक आदमी किसी भी जगह पर एकत्र नहीं होंगे।
- कोई भी व्यक्ति/राजनीतिक दल/ संगठन / उम्मीदवार / अभ्यर्थी ऐसे किसी पोस्टर, पर्चा, आलेख, फोटो का प्रयोग नहीं करेंगे, जो किसी किसी व्यक्ति/समुदाय/धर्म/जाति की भावनाओं को आहत करता हो या आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करता हो।
- कोई भी आदमी अथवा सियासी दल या संगठन, उम्मीदवार /अभ्यर्थी किसी आदमी विशेष के खिलाफ ऐसे किसी आपत्तिजनक टिप्पणी, विधि-विरुद्ध संदेश व्हाटसएप/फेसबुक/ ट्विटर / इंस्टाग्राम अथवा सोशल मीडिया पर नहीं डालेंगे, जिससे किसी की पर्सनल / मानसिक / धार्मिक/जातीय भावनाएं आहत होती हों तथा जिससे चुनाव संबंधी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होता हो।
- कोई भी आदमी / सियासी दल/संगठन / उम्मीदवार / अभ्यर्थी किसी धार्मिक स्थल का प्रयोग सियासी प्रचार के लिए नहीं करेंगे। सांप्रदायिक भावना को भड़काने की प्रयास नहीं करेंगे।
- कोई भी आदमी /राजनैतिक दल/संगठन / उम्मीदवार / अभ्यर्थी मतदाताओं को डराने, धमकाने वाला कोई काम नहीं करेंगे। न ही किसी भी मतदाता को प्रलोभन देने की प्रयास करेंगे।
- सरकारी स्वामित्व वाले गेस्ट हाउस, भवन का कोई भी हिस्सा किसी भी सियासी गतिविधियों/सभा/बैठक के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
- किसी सियासी दल अथवा अभ्यर्थी अथवा अन्य किसी आदमी द्वारा ऐसा कोई काम नहीं किया जायेगा, जिससे विभिन्न जातियों या धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच घृणा की भावना उत्पन्न हो।
- प्रदूषण फैलाने वाली प्रचार सामग्रियों यथा-प्लास्टिक / पॉलिथीन से बने पोस्टर, बैनर का इस्तेमाल सियासी प्रचार-प्रसार के लिए नहीं किया जायेगा।
- कोई भी आदमी / सियासी दल / संगठन / उम्मीदवार/ अभ्यर्थी किसी भी प्रकार का लाइसेंसी हथियार लेकर नहीं चलेगा। आग्नेयास्त्र, तीर-धनुष, लाठी, भाला जैसे हथियार का प्रदर्शन नहीं करेगा। यह आदेश परंपरागत रूप से शस्त्र धारण करने वाले समुदायों (नेपालियों द्वारा खुखरी तथा सिखों द्वारा कृपाण), विधि-व्यवस्था एवं निर्वाचन कार्य में लगे दंडाधिकारियों / निर्वाचन कर्मियों और पुलिस पदाधिकारियों पर लागू नहीं रहेगा।
- यह आदेश पहले से अनुमति लेकर जनसभा /जुलूस / शादी/बारात पार्टी / मृतशरीर यात्रा / हाट बाजार / हॉस्पिटल जा रहे रोगी के साथ-साथ जा रहे व्यक्तियों, विद्यालय एवं महाविद्यालय जाने वाले छात्र/छात्राओं एवं कर्त्तव्य पर तैनात सरकारी कर्मचारी / पुलिस बल पर लागू नहीं रहेगा।

