जेपीएससी लंबे समय से परीक्षा विलंब, रिज़ल्ट जारी न होने और पेपर लीक जैसी समस्याओं को लेकर विद्यार्थियों के आक्रोश का सामना करता रहा है. ऐसे में एल खियांग्ते के सामने सबसे बड़ी चुनौती आयोग की छवि को सुधारने की होगी. उल्लेखनीय है कि 22 अगस्त 2022 को तत्कालीन अध्यक्ष डाक्टर नीलिमा केरकेट्टा के सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद रिक्त था, जिससे आयोग की गतिविधियां भी प्रभावित हुईं. विद्यार्थियों ने इस पर बार-बार विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद अंततः एल खियांग्ते की नियुक्ति की गई.
मुख्यमंत्री से मुलाकात के पीछे अहम संदेश
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस मुलाकात को सिर्फ़ शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि आयोग की आनें वाले दिशा और कार्यशैली को लेकर गवर्नमेंट की प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है. सीएम हेमंत सोरेन पहले भी इस बात को दोहरा चुके हैं कि राज्य की नौकरियों को पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से भरना उनकी अहमियत है.
खियांग्ते का प्रशासनिक अनुभव बना सकता है ‘गेम चेंजर’
एल खियांग्ते पूर्व मुख्य सचिव रह चुके हैं और 1988 बैच के झारखंड कैडर के अधिकारी हैं. मूल रूप से मिजोरम निवासी एल खियांग्ते आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और उन्होंने साल 1987 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की थी. उनके व्यापक प्रशासनिक अनुभव से विद्यार्थियों को आशा है कि आयोग की जड़ बनी देरी और पारदर्शिता की कमी पर अब लगाम लगेगी.
राज्यपाल को भी उम्मीद- भर्ती प्रक्रिया में आएगी तेजी
राज्यपाल संतोष गंगवार ने भी एल खियांग्ते की नियुक्ति को आयोग के लिए सकारात्मक परिवर्तन का संकेत कहा है. उन्होंने आशा जताई कि अब जेपीएससी की ओर से आयोजित सभी परीक्षाएं तयशुदा कैलेंडर के मुताबिक और समय पर आयोजित होंगी, जिससे राज्य में भर्ती प्रक्रिया को बल मिलेगा.
छात्र संगठनों ने जताई नाराजगी
हालांकि इस बीच जेपीएससी अध्यक्ष के 20 दिनों की लंबी छुट्टी पर जाने की समाचार से विद्यार्थियों में नाराजगी भी देखी गई है. झारखंड स्टेट स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण शुक्ला ने बोला कि इतने लंबे समय से अध्यक्ष पद रिक्त होने के कारण 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा, बाल विकास परियोजना अधिकारी और खाद्य सुरक्षा अधिकारी जैसी कई परीक्षाएं रुकी पड़ी हैं. परीक्षाएं आयोजित तो की गईं, लेकिन रिज़ल्ट और आगे की प्रक्रिया अब तक लंबित है. ऐसे में नए अध्यक्ष का अवकाश पर जाना विद्यार्थियों के संयम की परीक्षा है.
नव नियुक्त अध्यक्ष से विद्यार्थी समुदाय को उम्मीदें
जेपीएससी की जिम्मेदारी अब एल खियांग्ते के कंधों पर है. उनसे विद्यार्थी समुदाय को आशा है कि वे आयोग की कार्यशैली में महत्वपूर्ण पारदर्शिता और त्वरितता लाएंगे. उनकी सीएम से यह मुलाकात न केवल एक औपचारिक आरंभ है, बल्कि आने वाले दिनों में आयोग की दिशा तय करने वाला संकेत भी मानी जा रही है.