चैत्र नवरात्रि ब्रत की जाने प्रभाव और सावधानियां
देवघर। 9 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि प्रारम्भ हो रही है। इस बार खास बात ये कि नवरात्रि की आरंभ खरमास में होगी। खरमास में ही हिंदू नववर्ष की भी आरंभ होगी। सनातन धर्म में खरमास को अच्छा नहीं माना जाता। इस दौरान शुभ कार्यों की भी मनाही होती है। ऐसे में प्रश्न उठता है कि खरमास में चैत्र नवरात्रि के प्रारम्भ होने से क्या असर पड़ेगा और व्रतियों को क्या सावधानियां बरतनी होगी?
देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के मशहूर ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने Local 18 को कहा कि खरमास की आरंभ 14 मार्च से हो चुकी है। यह 13 अप्रैल तक रहने वाला है। 9 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि की भी आरंभ होने वाली है, यानी नवरात्रि भी खरमास में प्रारम्भ होगी। लेकिन, खरमास का कुछ खास असर चैत्र नवरात्रि पर नहीं पड़ेगा।
हालांकि, इस दौरान मां के भक्तों को माता दुर्गा का आशीर्वाद पाने के लिए कुछ तरीका करने होंगे। नवरात्रि की आरंभ के दिन अबूझ मुहूर्त है, जो शुभ माना जाता है। इस मुहूर्त में जो भी जातक माता दुर्गा की पूजा आराधना कर अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं, उनकी इच्छा पूर्ण होती है। वहीं, माता दुर्गा की विशेष कृपा पाने के लिए चैत्र नवरात्रि में यह तरीका अवश्य करें।
खरमास में प्रारम्भ होगी नवरात्रि, करें ये उपाय
दिशा का रखें ख्याल: खरमास में चैत्र नवरात्रि की आरंभ होगी। ऐसे में माता दुर्गा की विशेष कृपा पाने के लिए चैत्र नवरात्रि के कलश स्थापना की दिशा का विशेष ख्याल रखें। भूलकर भी गलत दिशा का चयन न करें। कलश स्थापना घर के ईशान कोण में ही करना चाहिए। उत्तर-पूर्व की दिशा में भी कर सकते हैं।
चरण चिन्ह: चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना के दिन मुख्य द्वार पर माता दुर्गा के चरण चिन्ह जरूर बनाएं। मान्यता है कि इससे माता दुर्गा साक्षात आपके घर मे पधारेंगी। घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि होगी।
चुनरी करें अर्पण: माता दुर्गा को चुनरी बहुत प्रिय है, इसलिए नवरात्रि के समय माता दुर्गा को चुनरी अवश्य अर्पण करें, जो बहुत शुभ मानी जाती है।
अखंड ज्योति की दिशा: नवरात्रि के समय जो अखंड ज्योति जलाई जाती है, वह घर के अग्नि कोण में जलाएं। यानी घर के दक्षिण पूर्व कोण में घी का दीपक जलाएं। मंदिर में भी दक्षिण-पूर्व दिशा का चयन अखंड ज्योति के लिए करें।
कनेर का पुष्प: माता दुर्गा को गुड़हल के साथ कनेर का पुष्प अवश्य अर्पण करना चाहिए। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है। नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। आर्थिक स्थिति सुधरती है और घर में खुशहाली का माहौल रहता है।

