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हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में मधुमक्खी पालन सहित 5 नए कोर्स किए गए शुरू

 

 सागर: यदि आप 12वीं पास हैं और किसी सस्ते व्यवसाय को करने का प्लान बना रहे हैं तो इसमें मधुमक्खी पालन आपका कैरियर बना सकता है और इसे सीखने के लिए बहुत बढ़िया मौका भी है, सागर की चिकित्सक हरीसिंह गौर यूनिवर्सिटी में मधुमक्खी पालन सहित 5 नए कोर्स प्रारम्भ किए जा रहे हैं, जिसमें वर्तमान की सबसे बड़ी जरूरत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाला कोर्स भी है इस सत्र से बच्चे एडमिशन ले सकते हैं कम्युनिटी कॉलेज के माध्यम से होने वाले यह सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स है

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विश्वविद्यालय के मीडिया अधिकारी विवेक जायसवाल बताते हैं कि यूनिवर्सिटी में हाल ही मे विद्यापरिषद की बैठक में संपन्न की गई जिसमें पांच नए कोर्स संचालित करने का प्रस्ताव आया था अभी कम्युनिटी कॉलेज के द्वारा 19 तरह के कोर्स संचालित किए जा रहे हैं प्रस्ताव मिलने के बाद इन सब पर सहमति बनी और स्वीकृति मिल गई है, जिसमें बच्चे एडमिशन ले सकते हैं, कम्युनिटी कॉलेज से कोर्स करने के लिए मिनिमम क्वालीफिकेशन 12th पास है इसमें फीस 2000 से 4000 तक रहेगी इसके अतिरिक्त एग्जाम फीस 350 रहेगी

कम्युनिटी कॉलेज में योग शिक्षा में एक वर्षीय डिप्लोमा के अतिरिक्त मधुमक्खी पालन योग एवं वेलनेस, क्ले मॉडलिंग एंड सिरेमिक आर्ट बेसिक कंप्यूटर एप्लीकेशन एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में सर्टिफिकेट, पीजी डिप्लोमा इन जियोइन्फॉमेंटिक्स, एमएससी इकोनॉमिक्स, सर्टिफिकेट कोर्स इन बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, सर्टिफिकेट कोर्स इन क्लिनिकल एंड थेराप्यूटिक न्यूट्रिशन, सर्टिफिकेट कोर्स इन फाइनेंशयल मैथामेटिक्स पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे इसके अतिरिक्त हिन्दी विभाग द्वारा हिन्दी भाषी शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए व्यावहारिक हिन्दी में अल्पावधि सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम चलाए जायेंगे

कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में यूनिवर्सिटी के विभिन्न अकादमिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई बैठक में यूजीसी द्वारा दिए गये दिशा निर्देशों के अनुरूप स्वयं प्लेटफार्म पर मौजूद पाठ्यक्रमों को भी अनुमोदन मिला अब नए सत्र से विद्यार्थी नियमित कक्षाओं के अतिरिक्त नियमानुसार यूजीसी के स्वयं प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी शोध कर सकेंगे | बैठक में इंटर नेशनल कोलैबोरेशन सेल द्वारा विदेशी विश्वविद्यालयों से की जा रही अकादमिक साझेदारी की प्रगति पर भी चर्चा की गई जिसके माध्यम से यूनिवर्सिटी में फ्रेंच, जर्मन, जापानी एवं स्पेनिश भाषाओं के पाठ्यक्रम संचालिये किये जायेंगे

 

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