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IIM इंदौर में पीजीपीएमएक्स मुंबई का 21वां बैच हुआ शुरू

भारतीय व्यवस्था संस्थान इंदौर (IIM इंदौर) के मुंबई में कार्यकारी ऑफिसरों के लिए स्नातकोत्तर कार्यक्रम (पीजीपीएमएक्स) का 21वां बैच 3 अगस्त को संस्थान के मुंबई परिसर में प्रारम्भ हुआ. बैच का उद्घाटन IIM इंदौर के निदेशक प्रो हिमांशु राय ने किया. प्रसिद्ध

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कभी हार न मानें – प्रोराय

प्रो हिमांशु राय ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए पीजीपीएमएक्स कार्यक्रम की इस साल की गौरतलब उपलब्धि पर प्रकाश डाला. उन्होंने बोला – एशिया में शीर्ष 25 बी-स्कूलों कि सूची में जगह प्राप्त करके हमने हाल ही में क्युएस ईएमबीए रैंकिंग में अपनी बहुत बढ़िया आरंभ की है. हमारा पीजीपीएमएक्स पाठ्यक्रम इंडस्ट्री 4.0 की जटिलताओं का हल खोजने में सक्षम बनाने के लिए तैयार किया गया है. इसका पाठ्यक्रम अत्याधुनिक और प्रासंगिक दोनों है. उन्होंने ट्रिपल क्राउन मान्यता प्राप्त संस्थान के रूप में IIM इंदौर की विशिष्टता पर भी बल दिया. प्रो राय ने बोला हमने पांच जरूरी चुनौतियों – असमानता, शहरी मुद्दे, ग्रामीण चुनौतियां, पर्यावरण संबंधी चिंताएं और उद्यमशीलता की भावना की कमी को एक्टिव रूप से संबोधित करने में जरूरी सहयोग दिया है और कई पहलें कार्यान्वित की हैं. उन्होंने इन मुद्दों से निपटने के लिए संस्थान द्वारा प्रारम्भ की गई विभिन्न पहलों को साझा किया और प्रतिभागियों को सार्थक समाधानों में सहयोग देने के लिए आमंत्रित किया. प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए प्रो राय ने उनसे लगातार कुछ नया सीखने के लिए तैयार रहने और नेतृत्व के मूल मूल्यों को अपनाने का आग्रह किया. उन्होंने बोला कि करुणा का रेट रखें, कारगर संचार की क्षमता विकसित करें, साहस बनाए रखें और दृढ़ता का पालन करें. उन्होंने कहा, इन गुणों को अपनाएं और कभी हार न मानें, क्योंकि ये आज की दुनिया में कारगर लीडर और मैनेजर बनने के लिए जरूरी हैं.

नए अनुभवों की खोज करें

विजय विक्रम सिंह ने अपने करियर और पर्सनल जीवन से मिली सीखों को साझा किया. उन्होंने कहा कि किस प्रकार उन्होंने एमबीए स्नातक से वॉयस-ओवर और एक्टिंग तक कि यात्रा की. उन्होंने प्रतिभागियों को पीजीपीएमएक्स के जरिए इस परिवर्तनकारी यात्रा पर निकलने के लिए हार्दिक शुभकामना दी. उन्होंने कौशल विकास और आत्म-सुधार के महत्व पर बल दिया और बोला कि दूसरों के बजाय स्वयं से प्रतिस्पर्धा करें – यह दृष्टिकोण पर्सनल विकास को सुगम बनाता है और ईर्ष्या जैसी नकारात्मक भावना के हानि से बचाता है. उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि सहानुभूति कारगर नेतृत्व की आधारशिला है, और इसके लिए न सिर्फ़ मजबूत संचार कौशल की जरूरत होती है, बल्कि विषय-वस्तु को सुन्दर ढंग से प्रस्तुत करने की कला भी आनी चाहिए. उन्होंने बोला विषय वस्तु कितनी भी अच्छी और जरूरी क्यों न हो – आप इसे कैसे प्रस्तुत करते हैं – इसी से तय होगा कि उसका क्या असर पड़ेगा. दुनिया में तेजी से हो रहे बदलावों को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रतिभागियों को अनुकूलनीय और जिज्ञासु बने रहने की राय दी. नए अनुभवों की खोज करें, क्योंकि इसी से नवीन विचारों को प्रेरित कर सकेंगे. उन्होंने बोला कामयाबी का उल्टा विफलता नहीं बल्कि अनुभव है. हमेशा उत्साही बने रहें और आगे बढ़ने की प्रयास करते रहें.

सीखने के अनुभव को अपनाएं

प्रो मीत वछराजानी ने नए बैच को इस कार्यक्रम के माध्यम से अपने करियर को आगे बढ़ाने की उनकी प्रतिबद्धता के लिए शुभकामना दी. उन्होंने बोला पीजीपीएमएक्स में शामिल होकर आपने अपने ज्ञान और नेतृत्व कौशल का विस्तार करने की दिशा में एक साहसिक कदम उठाया है. उन्होंने उल्लेख किया कि इस बैच में विशेष जेंडर डाइवर्सिटी है क्योंकि इसमें नौ स्त्री प्रतिभागी हैं. इस प्रोगाम के भीतर आपको एक साथ अवधारणाओं को सीखने और लागू करने का अवसर मिलेगा. पूरे कार्यक्रम और उसके बाद भी जिज्ञासु और उत्साही बने रहकर इस अनूठे सीखने के अनुभव को अपनाएं. उन्होंने प्रतिभागियों की शैक्षिक यात्रा में उनके प्रियजनों की किरदार को स्वीकार करते हुए परिवार से कृतज्ञता और समर्थन के महत्व पर भी प्रकाश डाला. 21वें पीजीपीएमएक्स बैच में प्रतिभागियों कि विविधतापूर्ण पृष्ठभूमि है, जो उद्योगों की एक विस्तृत श्रृंखला को दर्शाती है. प्रतिभागी कृषि उपकरण निर्माण, बैंकिंग, रसायन, परामर्श, उपभोक्ता और खुदरा, इंजीनियरिंग, ईपीसी, वित्त, एफएमसीजी, खाद्य और पेय पदार्थ, ज्वेलरी, सरकारी उपक्रम, सूचना प्रौद्योगिकी, ऑयल और गैस, पेंट उद्योग, रेलवे और भारी मशीनरी, रियल एस्टेट और निर्माण, रिफाइनरी और पेट्रोलियम, और अनुसंधान और परामर्श सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों से आते हैं. यह विविधता सीखने के माहौल को समृद्ध करती है, विचारों और दृष्टिकोणों के जीवंत आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करती है. पीजीपीएमएक्स कि यह बैच नेतृत्व और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए IIM इंदौर की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है. यह नया बैच अपने-अपने क्षेत्रों में जरूरी सहयोग देने, प्रगति और सामाजिक असर को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है.

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