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9 फर्जी आवेदकों को बीएसएफ के रायपुर केंद्र से नियुक्ति पत्र किए जारी

बीएसएफ के टेकनपुर स्थित प्रशिक्षण केंद्र पर प्रशिक्षण से पूर्व पकड़े गए 9 फर्जी आवेदकों को सीमा सुरक्षा बल के रायपुर केंद्र से नियुक्ति पत्र जारी किए गए थे. यह परीक्षा राष्ट्र के सभी सेंट्रल आर्मड फोर्स में तैनाती के लिए 13 भाषाओं में ली गई थी. जिन अभ्यार्थियों

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इन सभी की परीक्षा एक साल पूर्व हुई थी, जबकि जो पुरुष सीमा सुरक्षा बल में प्रशिक्षण के लिए ज्वनिंग के लिए आए थे उनसे दलाल ने संपर्क 3 से 4 माह पूर्व ही किया था. अब तक की पड़ताल में जो तथ्य सामने आए हैं उसके मुताबिक रायपुर सेंटर पर तैनात कर्मचारी ने दलाल के माध्यम से ऐसे चयनित अभ्यार्थियों के जगह पर डील की जो सलेक्ट होने के बाद प्रशिक्षण पर नहीं करना चाहते थे. जिन अभ्यार्थियों का सलेक्शन हुआ था उनमें से अधिकतर को अन्य जॉब मिल गई थी, इसलिए गिरोह ने ऐसे नाम पता कर आवेदकों से डील की.

 

रायपुर केंद्र इसलिए संदेश पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है कि टेकनपुर में ज्वनिंग के लिए पहुंचे आवेदक के फायनल नियुक्ति पत्र रायपुर केंद्र में मेडिकल परीक्षण के बाद जारी किए थे. यहां तीन स्तर पर परीक्षण किया था. परीक्षण में कौन से अभ्यार्थी शामिल हुए थे और कैसे वह सेंटर के परीक्षण में पकड़ में आने से बचे थे.

कब हुई भर्ती: सेंट्रल आर्मड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ), एसएसएफ और असम रायफल में आरक्षक के पद के लिए जनवरी 2024 से परीक्षा हुई थी. इसमें 26146 पदों पर 2799 स्त्री आरक्षक शामिल थी. सीआईएसएफ के अधिक 11025 और सीमा सुरक्षा बल के 6174 पद थे.

दलालों को पकड़ने टीम गई है ^अभ्यार्थियों और संदेही दलालों के पकड़ने के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं. दलाल और मूल अभ्यार्थी के पकड़े जाने के बाद गिरोह का खुलासा होगा. -इला टंडन, थाना प्रभारी रायपुर केंद्र के कर्मचारी शामिल हैं जिन फर्जी अभ्यार्थियों को पकड़ा गया है उनकी परीक्षा जनवरी से अप्रैल 2023 तक आयोजित हुई थी. जबकि जिन अावेदको‌ को पकड़ा गया है उनसे दलालों ने जॉब की डील लगभग दो-तीन माह पहले की थी. नियुक्ति पत्र जारी करने वाले रायपुर केंद्र के कर्मचारियों के शामिल होने का शक है. जांच की जा रही है. -धर्मवीर सिंह, एसएसपी, ग्वालियर

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