एयर कोमोडोर सत्येन्द्र शर्मा ने सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ का किए दौरा
सैनिक विद्यालय चित्तौड़गढ़ के पूर्व विद्यार्थी रहे विद्यालय नंबर 1512 एवं वर्तमान में एनसीसी निदेशालय राजस्थान जयपुर के उप महानिदेशक एयर कोमोडोर सत्येन्द्र शर्मा ने गुरुवार को सैनिक विद्यालय चित्तौड़गढ़ का दौरा किया। एयर कोमोडोर के विद्यालय पहुंचनेे पर विद्यालय के प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया, उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल पारुल श्रीवास्तव एवं प्रशासनिक अधिकारी मेजर दीपक मलिक ने स्वागत किया। विद्यालय के एनसीसी कैडेट्स ने एयर कोमोडोर सत्येन्द्र शर्मा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
स्कूल के जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने कहा कि गुरुवार को विद्यालय के शंकर मेनन बैठक भवन में एक विशेष सभा का आयोजन किया गया। इस विशेष सभा के मुख्य मेहमान एयर कोमोडोर सत्येन्द्र शर्मा थे। विद्यालय के कैडेट चिंकू कुमार ने मुख्य मेहमान का परिचय दिया। एयर ऑफिसर ने चेतक, चीता, चीतल, एचपीटी-32 और किरण एमके-प्प् सहित विभिन्न प्रकार के विमानों पर करीब 5000 घंटे की उड़ान भरी है एवं उन्होंने प्रतिष्ठित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन से स्नातक और डीएसएससी (एयर विंग) में वरिष्ठ प्रशिक्षक के रूप में कार्य किया। वे 114 हेलीकॉप्टर यूनिट (सियाचिन पायनियर्स) और हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग विद्यालय में फ्लाइट कमांडर रहे है एवं वायु सेना मुख्यालय (वीबी) में एयर सीएमडीई (योजना एवं सहायक) के रूप में कार्य किया है। उन्होंने सियाचिन ग्लेशियर में चीतल हेलीकॉप्टर का उपयोगकर्ता परीक्षण करते समय 25,250 फीट की ऊंचाई (सासेर कांगड़ी में) पर उतरा था, जो एक विश्व रिकॉर्ड था। 2003-05 तक लेह में तैनात रहने के दौरान उनकी सराहनीय सेवा के लिए उन्हें जनवरी 2005 में वायु सेना प्रमुख द्वारा प्रशस्ति से सम्मानित किया गया।
उन्होंने कैडेट्स से वार्ता के दौरान उन्हें कड़ी मेहनत से ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बोला कि जीवन में अनुशासन बहुत अहम है। कैडेट्स से बोला कि आत्मविश्वास से मुश्किल से मुश्किल राह को सरल बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच रखने की राय दी और अपने लक्ष्य पर केन्द्रित रहकर उसे प्राप्त करने के लिए मेहनत करने के लिए कहा। उन्होने बोला कि पुराने समय में इस तरह की सुविधाएं नहीं थी, परंतु आज जो अच्छी सुविधाएं मिल रही है उनका सदुपयोग करे। कैडेट्स से वार्ता के दौरान उन्होंने सभी को आत्म अनुशासन, समय प्रबंधन, एकता और अनुशासन का गुण अपनाने को कहा। उन्होंने विद्यालय के छात्रावासों, कैडेट्स मैस, कक्षा।कक्षों, इंडोर स्टेडियम, शैक्षणिक भवन एवं प्रशासनिक भवन का निरीक्षण किया। विद्यालय के प्राचार्य ने विद्यालय के विकास के लिए किये जा रहे कार्यो की जानकारी दी।
इस अवसर पर कर्नल सुभाष चक्रवर्ती, विंग कमांडर मुदित चैरसिया, कमांडर राजेंद्र सिंह, कर्नल विपुल सहित कई अधिकारी मौजूद रहें। कैडेट अखिलेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। अंत में विद्यालय के प्राचार्य ने विद्यालय परिवार की ओर से स्मृति चिन्ह
<!– और पढ़े…–>

