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इनकम टैक्स रिटर्न में गजब का उछाल

पिछले कुछ समय से आयकर फाइल करने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखा गया है टैक्सपेयर अब अपनी जिम्मेदारी से अपना टैक्स गवर्नमेंट को दे रहे हैं इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है आयकर रिफंड के प्रोसेस का काफी सरल होना CII यानी Confederation of Indian Industry ने एक सर्वे किया है जिसमें 79 प्रतिशत इंडिविजुअल टैक्सपेयर और 88 प्रतिशत फॉर्म के साथ कंपनियों ने ये माना है कि अब उन्हें रिफंड या फिर डिडक्शन के लिए प्रतीक्षा नहीं करना पड़ताNewsexpress24. Com cii images 1

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समय से आ जाता है रिफंड का पैसा

इस सर्वे से यह भी पता चला है कि 90 प्रतिशत टैक्सपेयर ने कहा है कि अब अपने आप ही रिफंड का पैसा वापस आ जाता है यानी प्रक्रिया काफी अधिक सिंपल हो चुकी है एक आंकड़े की जानकारी आपको और दे देते हैं, वो ये कि 75 प्रतिशत इंडिविजुअल टैक्सपेयर को अब अधिक टैक्स नहीं भरना पड़ता यानी पहले जितना टैक्स बनता था, उससे अधिक TDS काट लिया जाता था, पर अब इस परेशानी से भी छुटकारा मिल गया है

साल रेट वर्ष 11.7 प्रतिशत की हो रही है ग्रोथ

चंद्रजीत बनर्जी, डायरेक्टर जनरल CII, कहते हैं कि, ‘पिछले 5 वर्ष के अंदर रिफंड समय से आ जाता है, यानी अब इसके लिए प्रतीक्षा नहीं करना पड़ता ये इंडिविजुअल और फर्म टैक्सपेयर दोनों के लिए है’ वहीं CBDT यानी सेंट्रल बोर्ड आफ डायरेक्ट टैक्स की एक रिकॉर्ड की मानें तो 2023 से 24 असेसमेंट ईयर के लिए 76.5 मिलियन रिटर्न फाइल हुई हैं, जिसकी अंतिम तारीख 31 अक्टूबर थी यानी इयर ओन इयर ग्रोथ 11.7 प्रतिशत रही है जो साफ बतलाता है कि 75.01 मिलियन ITR 31 अक्टूबर तक वेरीफाई हुई हैं, वहीं रिटर्न 71.9 मिलियन प्रोसेस की जा चुकी हैं

इकॉनमी को मिलेगा बूस्ट

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस प्रक्रिया को सरल करने में लगा हुआ है, अभी जहां रिफंड के लिए 17 दिन का समय लग रहा है वहीं 5 वर्ष पहले 90 से 120 दिन के अंदर हो पता था यानी आंकड़ों से साफ है कि गवर्नमेंट ने आयकर रिफंड के प्रक्रिया को जैसे ही सरल बनाना प्रारम्भ किया, वैसे ही रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुआ है, और यह बात आप जानते ही हैं कि यदि किसी राष्ट्र के टैक्सपेयर पूरी ईमानदारी से यदि अपना टैक्स जमा करें तो इकॉनमी उस राष्ट्र की बहुत शीघ्र ग्रो करती है

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