एपल अलर्ट मैसेज!केंद्र सरकार के तरफ से कार्रवाई शुरू
Apple Alert Row: हिंदुस्तान के विपक्षी सांसदों के मोबाइल टेलीफोन पर एपल अलर्ट मैसेज (Apple Alert Message) के मुद्दे में केंद्र गवर्नमेंट के तरफ से कार्रवाई प्रारम्भ कर दी है। इसे लेकर एप्पल को भी एक नोटिस भेज गया है। इसके बाद कंपनी एक्शन में आ गयी है। कंपनी ने जांच के बाद मजबूती से अपने पक्ष पर खड़े रहने की बात कही है। केंद्र गवर्नमेंट के नोटिस पर एप्पल की तरफ से बोला गया है कि वो बाहर से एक्सपर्ट बुलाकर पूरे मुद्दे की जांच करेगी। इसके बाद जो जानकारी मिलेगी उसके बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। विपक्षी सांसदों के द्वारा केंद्र गवर्नमेंट पर जासूसी का इल्जाम लगाया गया है। हालांकि, गवर्नमेंट ने मुद्दे में बोला है कि इस पूरे प्रकरण की जांच साइबर सुरक्षा एजेंसी सीईआरटी-इन ने प्रारम्भ कर दी है। कंपनी को भी नोटिस भेजा गया है। हालांकि, मुद्दे में कंपनी के ऑफिसरों ने आधिकारिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। जबकि, कंपनी के सूत्रों ने कहा कि एप्पल इण्डिया के अधिकारी और टीम मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए मुख्यालय के साथ लगातार संपर्क में हैं। यदि आवश्यकता पड़ी, तो उन टीमों को जांच में शामिल किया जाएगा, जिन्हें गोपनीयता और डिवाइस का काम सौंपा गया है।
क्या है पूरा मामला
विपक्षी सांसदों ने दावा किया था कि उनके एप्पल मोबाइल टेलीफोन पर मैसेज आया था। इस मैसेज में लिखा था कि स्टेट स्पॉन्सर्ड हैकर्स के द्वारा उनके टेलीफोन को हैक करने की प्रयास की जा रही है। इसके बाद से राष्ट्र की राजनीति गर्म हो गयी है। मुद्दे में 31 अक्टूबर को एक बयान जारी करके एप्पल ने बोला था कि सांसदों को मिली चेतावनी मैसेज किसी विशिष्ट सरकार-प्रायोजित हमलावरों से नहीं जोड़ती और वह इस बारे में जानकारी नहीं दे सकती है कि चेतावनी का कारण क्या है। एप्पल ने बोला कि कंपनी खतरे की सूचनाओं के लिए किसी विशिष्ट हमलावर को उत्तरदायी नहीं ठहराता है। राज्य-प्रायोजित हमलावर बहुत अच्छी तरह से पोषित-परिष्कृत और समय के साथ विकसित होते हैं।
भारत में एप्पल की हिस्सेदारी कम, जबकि वहां गुंजाइश अधिक: टिम कुक
एप्पल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) टिम कुक ने हिंदुस्तान को कंपनी का एक मुख्य केंद्र करार देते हुए बोला कि प्रौद्योगिकी कद्दावर की राष्ट्र के बड़े बाजार में हिस्सेदारी कम है, जबकि वहां काफी गुंजाइश तथा सकारात्मकता है। कुक ने बृहस्पतिवार को एक कार्यक्रम से इतर कहा, हिंदुस्तान में सर्वकालिक राजस्व अर्जित किया गया। हम दोहरे अंकों में मजबूत हुए। यह हमारे लिए अविश्वसनीय रूप से रोमांचक बाजार है और हम अहमियत से वहां ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने बोला कि एप्पल के बड़े बाजार में हिस्सेदारी कम है और इसलिए ऐसा लगता है कि वहां काफी संभावनाएं हैं। कुक हिंदुस्तान में हार्डवेयर इकाइयों की गति और वृद्धि के अवसर पर किए एक प्रश्न पर यह बात कही। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एप्पल हिंदुस्तान में एक असाधारण बाजार देखता है। कई लोग मध्यम वर्ग श्रेणी में आ रहे हैं, वितरण बेहतर हो रहा है, बहुत सारी सकारात्मकताएं हैं। कंपनी ने मुंबई और दिल्ली में दो खुदरा स्टोर स्थापित किए हैं। इस पर कुक ने बोला कि वे हमारी आशा से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह अब भी शुरुआती दौर में है, लेकिन उन्होंने अच्छी आरंभ की है और इस समय चीजें जिस तरह से जारी हैं उससे मैं काफी खुश हूं।
एप्पल को हिंदुस्तान में मिला रिकार्ड राजस्व
एप्पल ने अपने वित्त साल 2023 की 30 सितंबर को खत्म हुई चौथी तिमाही के वित्त परिणामों की घोषणा की। कंपनी ने इस तिमाही 89.5 अरब अमेरिकी $ का राजस्व दर्ज किया। यह पिछल वर्ष से एक फीसदी कम है, जब राजस्व 90.1 अरब अमेरिकी $ रहा था। कुक ने बोला कि एप्पल ने हिंदुस्तान में अभी तक का रिकॉर्ड राजस्व हासिल किया। साथ ही ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, इंडोनेशिया, मैक्सिको, फिलीपीन, सऊदी अरब, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात और वियतनाम सहित कई राष्ट्रों में सितंबर तिमाही में रिकॉर्ड राजस्व हासिल किया गया। पिछले कुछ सालों में हिंदुस्तान और चीन में एप्पल की विकास गति के बीच तुलना पर किए एक प्रश्न पर कुक ने बोला कि प्रत्येक राष्ट्र की स्थिति अलग होती है और इसमें तुलना नहीं की जानी चाहिए।

