इस स्थान से धरा गया बब्बर खालसा का आतंकी, जानें पूरी जानकारी
उत्तर प्रदेश के कौशांबी में बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का आतंकवादी अरैस्ट हुआ है. उसकी पहचान लाजर मसीह के रूप में हुई है. उत्तर प्रदेश STF के मुताबिक, वह BKI के जर्मनी-आधारित मॉड्यूल के प्रमुख स्वर्ण सिंह उर्फ जीवन फौजी के लिए काम करता था. पाक की खुफिया एजेंसी ISI के सीधे संपर्क में भी था.

यूपी एसटीएफ और पंजाब पुलिस ने गुरुवार सुबह साढ़े 3 बजे छापेमारी कर लाजर मसीह को अरैस्ट किया. वह पंजाब के अमृतसर जिले के कुर्लीयाना गांव का रहने वाला है. पिछले वर्ष 24 सितंबर को लाजर मसीह पंजाब पुलिस की कस्टडी से फरार हो गया था.
STF को उसके पास से 3 हैंड ग्रेनेड, 2 डेटोनेटर, 1 विदेशी पिस्तौल और 13 कारतूस मिले हैं. इसके अलावा, गाजियाबाद के पते वाला आधार कार्ड और सिम कार्ड के बिना एक मोबाइल टेलीफोन भी बरामद हुआ है. STF के सीनियर अधिकारी कोखराज पुलिस स्टेशन के गोपनीय रूम में आतंकवादी से पूछताछ कर रहे हैं. पंजाब पुलिस की 6 गाड़ियां पुलिस स्टेशन में उपस्थित हैं. पुलिस स्टेशन से 100 मीटर दूर का एरिया सील कर दिया गया है.
2 दिन पहले हरियाणा से पकड़ा गया था आतंकी 2 दिन पहले, गुजरात ATS ने अब्दुल रहमान नाम के संदिग्ध आतंकवादी को फरीदाबाद (हरियाणा) से पकड़ा था. उसके पास से 2 हैंड ग्रेनेड बरामद हुए थे. अब्दुल का घर अयोध्या के राम मंदिर से केवल 36Km दूर मिल्कीपुर में है. वह राम मंदिर की रेकी भी कर चुका था.
ATS को संदेह है कि वह राम मंदिर को हैंड ग्रेनेड से उड़ाने की षड्यंत्र रच रहा था. STF की पूछताछ में पता चला था कि आतंकवादी फरीदाबाद हैंड ग्रेनेड लेने आया था.
2 दिन पहले आतंकवादी अब्दुल रहमान हरियाणा से पकड़ा गया था.
23 दिसबंर पीलीभीत में मारे गए थे 3 खालिस्तानी आतंकी इससे पहले, पीलीभीत और पंजाब पुलिस ने पिछले वर्ष 23 दिसंबर को खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) के तीन आतंकवादियों का मुठभेड़ किया था. आतंकवादियों ने 19 दिसंबर को पंजाब के गुरदासपुर जिले में पुलिस चौकी पर ग्रेनेड से धावा किया था.
आतंकियों के पास से 2 एके-47 राइफल, 2 ग्लॉक पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए थे. मारे गए आतंकवादियों की पहचान गुरदासपुर निवासी गुरविंदर सिंह, वीरेंद्र सिंह उर्फ रवि और जसप्रीत सिंह उर्फ प्रताप सिंह के रूप में हुई थी.
जानिए बब्बर खालसा के बारे में- बब्बर खालसा इंटरनेशनल को भारत, कनाडा, जर्मनी और ब्रिटेन समेत कई राष्ट्रों ने आतंकवादी संगठन की सूची में शामिल किया है. इसकी स्थापना 1978 में हुई थी. यह पंजाब और पड़ोसी राज्यों के कुछ जिलों को मिलाकर खालिस्तान नाम से एक अलग सिख राष्ट्र बनाने की मांग करता रहा है.
यह संगठन 80 के दशक के आखिर और 90 के दशक की आरंभ में पंजाब में एक्टिव था. इसने कई आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दिया. 1990 के दशक में इस संगठन के कई आतंकवादियों को पंजाब पुलिस ने मार गिराया. कई आतंकवादी विदेश भाग गए, लेकिन पाकिस्तान, कनाडा और ब्रिटेन में अभी भी इसके समर्थक हैं. पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह की मर्डर में भी बब्बर खालसा इंटरनेशनल की किरदार सामने आई थी.

