Baloda Bazar: 20 जून तक लागू रहेगी धारा 144
बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में प्रशासन ने धारा 144 की तारीख बढ़ा दी है। जिले में शांति प्रबंध बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने इसका आदेश भी जारी कर दिया है। इस धारा को 17 जून तक लागू किया गया था। लेकिन, अब यह 20 जून तक रहेगी। इस बीच भाजपा की 5 सदस्यीय टीम ने अमरगुफा का दौरा भी किया। यह टीम सर्किट हाउस में अल्पविराम के बाद कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय भी जाएगी। बलौदा बाजार की अत्याचार को लेकर खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने बोला कि कांग्रेस पार्टी समाज को भड़का रही है। लोगों को भड़काने के लिए कांग्रेस पार्टी ने वहां बाकायदा 15000 लोगों के खाने की भी प्रबंध की थी। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या कांग्रेस पार्टी नेता देवेंद्र यादव सतनामी है?

इधर, भाजपा के जांच दल पर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बोला कि गवर्नमेंट को अपनी ही जांच पर भरोसा नहीं है। भाजपा अनुसूचित जाति के विरुद्ध है। यदि वह अनुसूचित जाति के साथ है तो गवर्नर के पास विचाराधीन आरक्षण संशोधन विधेयक पास कराए। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में 10 जून को अत्याचार हुई थी। विद्रोहियों ने कलेक्टर और एसपी ऑफिस को आग लगा दी थी। यह मुद्दा इतना बढ़ गया था कि गवर्नमेंट ने घटना के तीन बाद बलौदा बाजार के कलेक्टर कुमार लाल चौहान और एसपी सदानंद कुमार को निलंबित तक कर दिया। था। इस मुद्दे में गवर्नमेंट ने एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का भी गठन किया है। यह आयोग 6 बिंदुओं पर अत्याचार की जांच करेगा। आयोग तीन महीने के अंदर रिपोर्ट शासन को भेजेगा। इसआयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त जज सीबी वाजपेई करेंगे।
क्या हुआ था उस दिन
बता दें, 15-16 मई की दरमियानी रात कुछ असामाजिक तत्व गिरौधपुरी धाम में घुस गए थे। उन्होंने सतनामी समाज के धार्मिक स्थल के पूज्य जैतखाम में तोड़फोड़ की थी। मुद्दे में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को अरैस्ट किया था। पुलिस की इस कार्रवाई से समाज के लोग असंतुष्ट थे और न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे। इस बीच गृहमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच की घोषणा भी कर दी थी। जैतखाम में तोड़फोड़ के विरोध में हजारों लोग 10 जून को कलेक्ट्रेट के पास इकट्ठे हुए और जमकर बवाल किया। यहां उनका प्रदर्शन हिंसक हो गया। इसके बाद विद्रोहियों ने तांडव मचाते हुए कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया। इस घटना में वहां उपस्थित 20-30 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

