बीजेपी केंद्रीय नेताओं ने जमीनी स्तर पर चुनावी रणनीति मंथन करना किया शुरू
Rajasthan Election 2023: प्रदेश में भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं की संभाग स्तर की कार्यशालाएं प्रारम्भ की है। इन कार्यशालाओं में केंद्रीय नेताओं ने जमीनी स्तर पर चुनावी रणनीति पर मंथन करना प्रारम्भ किया है। एक दिवसीय प्रवास पर जयपुर आए केंद्रीय मंत्री मानव संसाधन मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कार्यशाला ली। दावा किया कि जयपुर संभाग की 50 विधानसभा पर विशेष रणनीति बनाई है। प्रदेश में बीजेपी ही गवर्नमेंट बनाएगी। दूसरे संभागों पर भी कार्यशाला लेने भाजपा के अन्य केंद्रीय नेता पहुंचेंगे
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मानसरोव में संभाग स्तर के कार्यकर्ताओं की कार्यशाला ली। इसके बाद भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से रूबरू होते हुए प्रधान ने बोला कि आने वाले 50 दिन के बाद राजस्थान में बीजेपी की गवर्नमेंट बनेगी। राजस्थान की राजनीति को राजनीति शास्त्र का विद्यार्थी होने के नाते मैं निकट से देख रहा हूं।
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के नाते ही नहीं बल्कि राजस्थान को पिछले कई वर्षों से सियासी विश्लेषण करते हुए मैं जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूं कि राजस्थान की जनता बीजेपी के पक्ष में मन बना चुकी है।
केंद्रीय मंत्री प्रधान ने बोला कि आज जयपुर संभाग की बैठक ली है। इसमें जयपुर संभाग की 50 विधानसभाओं को लेकर आज विशेष योजना बनाई है। ये 50 विधानसभा एक तरह से प्रदेश के सियासी वातावरण का एजेंडा सेट करता है। मैंने यहां बैठक में जनता को लेकर एक समीक्षा की है, इसलिए मैं जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूं 2013 से भी बड़ा बहुमत लेकर हम गवर्नमेंट बनाएंगे।
आज पीएम मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र में एक दिव्य दृष्टि वाली सरकार, एक सेवा की योजना और राजस्थान के कार्यकर्ता और राजस्थान की जनता का आशीर्वाद बीजेपी को दिख रहा है। दूसरी और सिर्फ़ गहलोत के नेतृत्व में एक करप्ट गवर्नमेंट दिख रही है जिसे कितनी शीघ्र सत्ता से हटाया जाए प्रदेश की जनता ने उसके लिए मन बनाया हुआ है।
प्रधान ने बोला कि 2018 विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस पार्टी पार्टी बड़े-बड़े वादे और दावे करके सत्ता में आई थी। आज कांग्रेस पार्टी के पास बहुमत होने के बावजूद भी यह गवर्नमेंट अस्थिर, बिना फैसला लेने वाली, करप्ट और दिशाहीन गवर्नमेंट दे पाई है। मुझे बहुत अधिक विस्तार से बताने की आवश्यकता नहीं है आज राजस्थान स्त्री शोषण के मामलों में राष्ट्र के सभी राज्यों को पार कर चुका है।
प्रदेश में पिछले पांच वर्ष में 32000 से अधिक दुष्कर्म के मुद्दे दर्ज हुए हैं। राजस्थान स्त्री सशक्तिकरण, मर्यादा और स्त्री गौरव के लिहाज से परंपरागत विरासत के लिए बहुत जरूरी राज्य है। कांग्रेस पार्टी गवर्नमेंट के नेतृत्व में स्त्रियों पर सबसे अधिक शोषण के मुद्दे हुए हैं, इसका प्रमुख कारण है रसूखदार लोगों का दुष्कर्म की घटनाओं में शामिल होना जिसमें सत्ताधारी मंत्री और विधायक के पुत्र के नाम हैं। गवर्नमेंट में बैठे हुए लोगों में कोई नैतिकता नहीं बची है, ऐसी स्थिति में ये लोग जनता को कैसे दिलासा देंगे। राजस्थान में विशेष रूप से समाज के वंचित वर्गों जिसमें एससी-एसटी समाज का शोषण सबसे अधिक हुआ है।
केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने पेपरलीक सहित अन्य मुद्दे उठाते हुए गवर्नमेंट पर इल्जाम जड़े।प्रधान ने बोला कि राजस्थान में पांच वर्ष में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के 19 बार पेपर लीक हुए हैं। इन सभी भर्तियों के पेपर लीक होना गहलोत गवर्नमेंट की प्रशासनिक दक्षता पर प्रश्न खड़े हुए हैं। युवाओं के भविष्य को भी कांग्रेस पार्टी गवर्नमेंट ने करप्शन की भेंट चढ़ा दिया, प्रदेश के नौजवानों के भविष्य को दिशाहीन कर दिया।
अंदाजा लगाया जा सकता है कि 19 बार पेपर लीक होने का मतलब यानी हर एक क्वार्टर किसी भर्ती का पेपर लीक हुआ है। इसमें गरीब बच्चों के आत्मविश्वास को सबसे अधिक चोट पहुंचती है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश करप्शन के मामलों में नंबर एक पर है, आज राष्ट्र भर में राजस्थान का नाम लाल डायरी के कारण बदनाम हुआ है। किसानों की हालत राजस्थान में सबसे अधिक खराब है। साल 2018 में कांग्रेस पार्टी ने किसानों का संपूर्ण कर्जा माफ करने की बात कही थी, सत्ता में आने के बाद यह घोषणा पूरी तरह झूठी घोषणा साबित हुई।
इन पांच वर्षों में 19000 से अधिक किसानों को जमीन नीलामी के नोटिस दिए गए। हमारा राष्ट्र आज बिजली के मुद्दे में पावर सरप्लस राष्ट्र है, लेकिन मुझे जानकारी मिली राजस्थान में सबसे महंगी बिजली और उसपर भी लगातार अघोषित कटौती की जाती है। महंगी बिजली के कारण समाज के सभी वर्गों को विशेष करके गरीब, किसान, विद्यालय कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चे, उद्योग विशेष करके राजस्थान में (एमएसएमई) घरेलू और कुटीर उद्योग पूरी तरह प्रभावित हुए हैं।
केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने बोला कि कांग्रेस पार्टी गवर्नमेंट ने सिर्फ़ वोट बैंक के लिए तुष्टीकरण के सारे पैरामीटर तोड़ दिये। राजस्थान में बहुमत पाने के बाद भी कांग्रेस पार्टी पार्टी की अंदरूनी कलह की वजह से आज गहलोत एक करप्ट शासन करने वाले सीएम कहलाने लगे हैं। राजस्थान के लोगों ने उनके लंबे समय के अनुभव पर भरोसा करके वोट दिया था, लेकिन आज राजस्थान में सबसे अधिक किसी ने निराश किया।
किसी ने राजस्थान की नयी पीढ़ी को गुमराह किया तो उसके लिए सिर्फ़ वर्तमान सीएम अशोक गहलोत उत्तरदायी हैं। आज बीजेपी प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति बन चुकी है। राजस्थान में बीजेपी का जन आधार हिमालय के समान विशाल आकार का है।

