बीजेपी ने जेडीयू एमएलसी के मोदी की जाति वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा…
Lok Sabha Election 2024 पीएम Modi Caste OBC Giriraj Singh: जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की जाति पूछने के मुद्दे में अभी राजनीति गरमाई हुई है। नीरज कुमार ने मीडिया से वार्ता करते हुए बोला कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी जाति छिपाना चाहते हैं। इसलिए वह जातीय जनगणना नहीं करा रहे हैं। इतना ही नहीं नीरज कुमार ने प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को वोट का सौदागर बता दिया। नीरज ने बोला कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने मोढ़ घांची जाति से आते हैं जो कि सामाजिक और आर्थिक रूप से समृद्ध हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी जाति को ओबीसी में शामिल करा लिया। बताया जा रहा है कि आनें वाले लोकसभा चुनाव में जेडीयू-कांग्रेस के साथ मिलकर जातीय जनगणना को बड़ा मामला बनाने की प्रयास में है। विपक्ष ओबीसी वोटरों को अपने पाले में करने के लिए जातीय जनगणना की रट लगाए बैठा है।

गिरिराज ने पूछा- राहुल गांधी मुस्लिम हैं या ईसाई
बीजेपी ने जेडीयू एमएलसी के मोदी की जाति वाले बयान पर पलटवार करते हुए बोला कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पलटवार करते हुए बोला कि नीतीश कुमार की सियासी विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी गरीबों के देवदुत हैं। मोदीजी ने गरीबों को घर, पानी, बिजली और शौचालय दिए हैं। इसके बाद गिरिराज सिंह ने जेडीयू से बोला कि पहले वे राहुल गांधी की जाति बताए। उन्होंने बोला कि राहुल गांधी ब्राह्मण है या पारसी यह पता होना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने बोला कि राहुल गांधी से पूछें कि वे मुस्लिम हंै या ईसाई।
यह है घांची जाति का इतिहास
पीएम मोदी मोढ़ घांची जाति समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। वे ओबीसी है। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कन्नौज की सभा में उन्होंने अपनी जाति घांची बताई थी। 2011 की जनगणना के मुताबिक गुजरात में घांची की जनसंख्या 6 प्रतिशत है। बिहार और युपी में इस जाति को तेली नाम से जाना जाता है। घांची जाति के जो लोग मोढ़ेरा सूर्य मंदिर के इर्द-गिर्द बसे थे वह मोढ़ घांची कहलाए। घांची गुजरात में ओबीसी वर्ग में आते हैं। नीरज कुमार ने यह भी दावा किया कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री रहते हुए घांची को ओबीसी का दर्जा दिलवाया। जबकि सच यह है कि 1955 में काका कालेलकर कमेटी ने घांची जाति को ओबीसी शामिल करने की सिफारिश की थी। वहीं सन 1994 में घांची जाति को ओबीसी में शामिल किया गया था। उस दौरान प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के छबीलदास मेहता मुख्यमंत्री थे। वहीं 1999 में घांची और तेली को ओबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल किया था।

