भाजपा नेताओं ने लाख से अधिक समर्थकों का बिहार रैली में शामिल होने का किया दावा
Amit Shah Jhanjharpur Rally: गृह मंत्री अमित शाह एकबार फिर बिहार आ रहे हैं। इस बार अमित शाह झंझारपुर में जनसभा को संबोधित करेंगे। बीजेपी की ओर से इसे लेकर पूरी तैयारी की गयी है। बीजेपी नेताओं ने लाख से अधिक समर्थकों का इस रैली में शामिल होने का दावा किया है। इस वर्ष की बात करें तो इससे पहले अमित शाह पांच बार बिहार आ चुके हैं। मधुबनी जिले के झंझारपुर से अमित शाह जब संबोधित करेंगे तो इर्द-गिर्द के कितने जिलों को वो साधेंगे आइये जानते हैं।
झंझारपुर पर क्यों है बीजेपी का निशाना।।
बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं। इन 40 सीटों में एक झंझारपुर लोकसभा बीजेपी के लिए बहुत जरूरी है। राजनीतिक मामलों के जानकारों की मानें तो आजतक पिछड़ों और अति पिछड़ों के बीच यहां की राजनीति घूमती रही। 1972 में यह सीट मधुबनी से अलग होकर अलग लोकसभा बना। तब से 12 बार के रिज़ल्ट देखें तो 10 बार का अगुवाई पिछड़े या अति पिछड़े वर्ग के नेता ने किया। इस सीट को उन 10 टारगेट सीटों में एक कहा जाता है जिसपर बीजेपी उम्मीदवार नहीं उतारती थी लेकिन अब उन सीटों पर उम्मीदवार उतारकर जीत दर्ज करने के लिए पूरी रणनीति बनायी जा रही है। बता दें कि झंझारपुर से ही बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा भी चुनाव लड़े थे और जीत दर्ज की थी। कांग्रेस पार्टी यहां से दो बार जीत दर्ज कर सकी है। बीजेपी ने एक बार इस सीट पर जीत दर्ज की है।
झंझारपुर से कब कौन जीता।।?
नरेंद्र मोदी को जब बीजेपी ने पीएम चेहरा बनाया तो 2014 में झंझारपुर से बीजेपी के बीरेंद्र कुमार चौधरी उम्मीदवार बने थे और जीत हासिल की थी। उसके बाद 2019 में एनडीए में यह सीट जदयू के खाते में चली गयी थी और रामप्रीत मंडल जदयू के उम्मीदवार बने थे। एनडीए की जीत हुई थी। 2 लाख 23 हजार वोटों के अंतर से जदयू के उम्मीदवार जीते थे। अब बिहार में राजनीतिक समीकरण बदल गया है और जदयू और बीजेपी एक दूसरे की विरोधी पार्टी है। इस सीट पर यादव जाति से आने वाले देवेंद्र प्रसाद ने जीत की हैट्रिक लगायी है। 1989 से 1998 तक वो जनता दल के टिकट पर यहां से जीतकर संसद गए। 1999 और 2004 में वो राजद के टिकट पर चुनाव लड़कर जीते। एनडीए के लिए 2004 में जदयू की ओर से मंगनी लाल मंडल ने जीत दर्ज की थी। 2014 में बीजेपी और जदयू अलग हो गए तो मुकाबला त्रिकोणीय हो गया था। जीत बीजेपी उम्मीदवार की हुई थी। बता दें कि जगन्नाथ मिश्रा के बेटे और बीजेपी विधायक नीतीश मिश्रा झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र से 4 बार चुनाव जीत चुके हैं।
भाजपा सांसद का दावा।।
अमित शाह के कार्यक्रम को लेकर झंझारपुर में बीजेपी पूरी तैयारी कर रही है। गुरुवार को प्रेस वार्ता करते हुए बीजेपी सांसद डा। अशोक कुमार यादव ने बोला कि आनें वाले 16 सितंबर को गृह मंत्री अमित शाह का झंझारपुर में आयोजित होने वाली रैली ऐतिहासिक होगी। इसमें नये मतदाता, युवाओं की संख्या काफी अधिक होगी। साथ ही बड़े बुजुर्ग भी काफी संख्या में आयेंगे। एक प्रकार से यह युवा एवं बुजुर्ग लोगों का समागम होगा। बिहार के जिस- जिस लोकसभा क्षेत्र में बीजेपी के सांसद नही हैं, उस क्षेत्र में गृह मंत्री का लोकसभा प्रवास कार्यक्रम चल रहा है। प्राय: हर माह बिहार के किसी न किसी क्षेत्र में वे रैली कर रहे हैं।
झंझारपुर से अमित शाह कितनी सीटों पर साधेंगे निशाना।।
सांसद ने बोला कि अमित साह के इस रैली का दूरगामी असर पड़ेगा। आने वाले लोकसभा चुनाव में दरभंगा, झंझारपुर, सुपौल, मधुबनी में सरलता से हमारी जीत सुनिश्चित हो जायेगी। इस रैली को लेकर आम लोगों में उत्साह है। आम लोग अपने अपने संसाधन से गृह मंत्री के रैली में शामिल होने को उत्सुक हैं। कार्यकर्ताओं के साथ लगातार बैठक चल रहा है। कार्यकर्ता अपनी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। साथ ही प्रदेश और राष्ट्र स्तर के पार्टी के अधिकारी भी यहां पर लोगों के बीच जाकर अमित साह के कार्यक्रम में शामिल होने के लिये आमंत्रण दे रहे हैं। सांसद ने बोला कि गृह मंत्री के आगमन को लेकर पूरे मिथिलांचल में उत्साह है।
झंझारपुर लोकसभा सीट का गणित
झंझारपुर लोकसभा सीट में 6 विधानसभा है। यहां ब्राह्मण, यादव और अति पिछड़ा वोट भी अर्थ रखता है। मुसलमान वोट करीब 15 फीसदी को अन्य जातियों का भी मिला-जुला हिसाब पुस्तक है। सबसे अधिक अति पिछड़ा वोट इस लोकसभा में है। गौरतलब है कि अररिया के जोगबनी में भी अमित शाह कार्यकर्ताओं से चुनावी मुद्दों पर वार्ता करेंगे।

