कनाडा के पीएम ट्रूडो ने पीएम मोदी को बधाई देते हुए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जिसका…
कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने मोदी को दी थी जीत की शुभकामनाएंट्रूडो ने किया था मानवाधिकार और क़ानून के शासन जैसे शब्द का इस्तेमालमोदी ने लिखा, आपसी समझ और एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति सम्मान हो
नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार पीएम पद की शपथ ली है। उन्हें पूरे विश्व के नेता शुभकामना संदेश भेज रहे हैं। अमेरिका से लेकर रूस तक, चीन से लेकर ब्रिटेन तक, सबने शुभकामनाएं भेजी हैं। कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भी प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को शुभकामना दी, लेकिन उन्होंने कुछ ऐसे शब्दों का प्रयोग किया, जिसका प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने करारा उत्तर दिया। जिसकी चर्चा चारों ओर हो रही है।
बीते हफ्ते 6 जून को नरेंद्र मोदी को कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने तीसरे कार्यकाल के लिए शुभकामना देते हुए ‘मानवाधिकार और क़ानून के शासन’ जैसे शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने लिखा था, भारतीय पीएम मोदी को उनकी चुनावी जीत पर बधाई। कनाडा उनकी गवर्नमेंट के साथ काम करने के लिए तैयार हैः मानवाधिकारों, विविधता और कानून के शासन पर आधारित संबंधों को बढ़ावा देने के लिए। विदेश नीति के जानकारों की मानें तो ये लाइन चुभने वाली थीं।
दूसरों को दे रहे थे तुरंत जवाब
चार दिन तक पीएम मोदी ने कनाडा के पीएम के ट्वीट का कोई उत्तर नहीं दिया। जबकि अन्य नेताओं का वे तुरंत उत्तर दे रहे थे। शपथ लेने के एक दिन बाद उन्होंने कनाडा के पीएम को उत्तर दिया। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, कनाडा के पीएम का शुभकामना के लिए शुक्रिया। हिंदुस्तान आपसी समझ और एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति सम्मान के आधार पर कनाडा के साथ काम करने को उत्सुक है।
कनाडा के साथ हिंदुस्तान के रिश्तों में तल्खी आई
बीते कुछ महीनों में कनाडा के साथ हिंदुस्तान के रिश्तों में तल्खी आई है। कनाडा ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की मर्डर में हिंदुस्तान की संलिप्तता का इल्जाम लगाया था। जबकि हिंदुस्तान ने उनके आरोपों को बेतुका करार दिया था। मई में, कनाडा ने निज्जर मर्डर मुद्दे में तीन भारतीय नागरिकों को अरैस्ट किया था। इनपर भारतीय सरकारी एजेंटों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने का इल्जाम लगाया है। बाद में एक और भारतीय को कनाडा से गिरफ़्तार किया गया। हालांकि, हिंदुस्तान का बोलना है कि अब तक कनाडा ने निज्जर की मर्डर के सिलसिले में कोई सबूत पेश साझा नहीं किए हैं। कनाडा खालिस्तानी तत्वों को अपनी धरती से काम करने की अनुमति देता है।

