छत्तीसगढ़ में इस तारीख से होगी बारिश
छत्तीसगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम के मिजाज में परिवर्तन की आसार बन रही है। फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है। लेकिन आनें वाले दिनों में मामूली वर्षा और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने के संकेत मिल रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 8 अप्रैल से तापमान में गिरावट का दौर प्रारम्भ हो सकता है। इस परिवर्तन के पीछे पूर्वी हिंदुस्तान से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैले दबाव तंत्र और चक्रवातीय परिसंचरण की किरदार अहम मानी जा रही है।

एक द्रोणिका पूर्वी बिहार से होते हुए छत्तीसगढ़ और पूर्वी विदर्भ तक 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसके अतिरिक्त मराठवाड़ा से उत्तर तमिलनाडु तक एक उत्तर-दक्षिण दिशा में फैली हुई द्रोणिका भी एक्टिव है, जो 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक है।
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती परिसंचरण
दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी पर 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक एक ऊपरी हवा का चक्रीय परिसंचरण बना हुआ है। इसके असर से एक नया निम्न दाब क्षेत्र विकसित होने की आसार है। जिससे मौसम प्रणाली में और अधिक बदलाव हो सकता है।
8 अप्रैल से मौसम में परिवर्तन की संभावना
फिलहाल 6 और 7 अप्रैल को छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क बना रहेगा। परंतु 8 अप्रैल से दक्षिण छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मामूली वर्षा होने की आसार है।
तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना
अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है, जिसके बाद विशेष बदलाव की आसार नहीं है। रायपुर में 7 अप्रैल को अधिकतम तापमान 41°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने की आसार है।
पिछले 24 घंटों में रहा मौसम शुष्क
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मौसम शुष्क रहा। बिलासपुर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 41.0°C दर्ज किया गया, वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 19.0°C दर्ज किया गया।
पश्चिमी विक्षोभ भी देगा दस्तक
8 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके अप्रत्यक्ष असर से भी मौसम में कुछ परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। प्रदेश में अगले दो दिन मौसम शुष्क रहेगा, परंतु 8 अप्रैल से गरज-चमक और मामूली वर्षा की आसार मौसम में परिवर्तन का संकेत दे रही है। नागरिकों को जरूरी सावधानी बरतने की राय दी जाती है।

